मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा)। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दाम बढ़ने के साथ अब प्याज के भी दाम बढ़ गए महंगाई सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी है, महंगाई से आज जनता की कमर टूट रही है, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने दो वक्त का भोजन बडी़ ही मुश्किल से उपलब्ध करा पा रहा है। रोटी-कपड़ा और मकान जो आमजन मानस की प्राथमिक आवश्यकताएं है,आज लोग उससे मरहूम है। अति आवश्यक वस्तुओं की कीमते जैसे पेट्रोल-डीजल और घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आग लगी हुई है, कीमतें आसमान छू रही है लोग महंगाई के कारण बिलख रहे हैं।महंगाई की मार से जनता दिनोंदिन परेशान होती जा रही है। पेट्रोल-डीजल, रसोई की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच प्याज ने भी रूलाना शुरू कर दिया है। प्याज के दामों में वृद्धि ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। खुदरा बाजार में प्याज की कीमत पचास रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है!पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर इतिहास रच रही हैं तो घेरलू रसोई गैस के दाम भी एक पखवाड़े में 75 रुपए बढ़ गए हैं ! इसके साथ ही तीन महीनों में खाद्य तेलों के दाम करीब 50 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं, जिससे लोगों की थाली का स्वाद भी बिगड़ता जा रहा है! चारों तरफ से महंगाई की मार पड़ रही है! कोरोना महामारी के दौरान एक ओर जहां आम आदमी की कमाई घट गई या नौकरी चली गई ! वहीं पर महंगाई कभी कम होने का नाम नहीं ली! महंगाई तकरीबन दोगुनी हो गई! खुदरा बाजार में खाद्य तेल के दाम पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना बढ़ गए है! खाद्य तेल के दाम बढ़ने की मुख्य वजह कम उत्पादन के साथ डीजल के दाम लगातार बढ़ने के साथ ट्रांसपोर्ट शुल्क का बढ़ना है! पिछले साल जो ब्रांडेड सोयाबीन तेल 90-95 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था वह आज 130-135 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है! वहीं जो ब्रांडेड सरसों का तेल पिछले साल 95 से 105 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था वह अब 150-160 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है! महंगाई के कारण लोगों का हाल बेहाल है महंगाई पर सरकार अंकुश नहीं लगा पा रही है जिससे आम जनता भारी परेशान है !

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