रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)– रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम त्रिशूली के पांगन नदी में लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण के अंतर्गत बने पुल के टूटे चार वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो गया परंतु विभाग के अधिकारी इसे देखने तक की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं वही ऐसे में पुनः नए पुल का निर्माण बेमानी साबित हो रहा है। जबकि हजारों ग्रामीण प्रतिदिन इसी पुल से पैदल एवं मोटरसाइकिल से आना जाना करते हैं जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

गौरतलब है कि 11.8.2016 से 13.8.2016 के बीच हुई बारिश के कारण पांगन नदी में बना पुल टूट गया था पुल टूटने के बाद लटक गया था। जो आज भी वही स्थिति में है परंतु अभी तक नए पुल के निर्माण की पहल नहीं की जा सकी है। जबकि स्थानीय ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि कई बार नए पुल के निर्माण की मांग कर चुके हैं। परंतु संबंधित विभाग अभी तक नए पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस पहल करता नजर नहीं आ रहा है इस कारण हजारों लोग प्रतिदिन हलाकान हो रहे हैं।

कभी भी घट सकती है बड़ी घटना- बरसात के समय में एक और पांगन नदी में पानी का तेज बहाव हो रहा है तो दूसरी ओर टूटा हुआ पुल से प्रतिदिन पैदल एवं मोटरसाइकिल से हजारों लोग पार हो रहे हैं ऐसे में कभी भी पुल धराशाई हो सकता है एवं बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश जाने का है मुख्य रास्ता- जिस मार्ग पर पुल टूटा है वह मार्ग उत्तर प्रदेश जाने का मुख्य रास्ता है ऐसे में प्रतिदिन उत्तर प्रदेश से जाने वालों एवं आने वालों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी होती है पानी जब कम रहता है तो लोग नदी तो पार कर लेते हैं परंतु जब नदी में पानी अधिक होता है तो उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त घूम कर जाना पड़ता है।

अवैध रेत उत्खनन का गवाह है यह पुल- एक समय पांगन नदी से अवैध रेत उत्खनन जोरों पर होता था तब प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक रेत उत्तर प्रदेश इसी पुल से होकर जाती थी जिस कारण यह पुल टूट गया जो आज तक बन नहीं पाया जबकि प्रतिदिन हजारों लोग परेशान हो रहे हैं।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण के एसडीओ राम कुमार ध्रुव ने बताया कि सनावल पचावल मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए का प्राक्कलन बनाकर प्रशासकीय स्वीकृति हेतु भेजा गया है। स्वीकृति के पश्चात टेंडर लगवाया जाएगा।

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