रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रमुख पिकनिक स्पॉट में एक पलटन घाट की खूबसूरती को ग्रहण लगाने में अवैध रेत उत्खनन मुख्य भूमिका निभा रहा है प्रतिदिन यहां से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है परंतु खनिज विभाग के अकर्मण्य रवैया के कारण यह रुक नहीं पा रहा है। यदि यही स्थिति रही तो पलटन घाट में कोई जगह ऐसी नहीं बचेगी जिससे यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग सुकून से बैठ सकें। अवैध रेत उत्खनन से पलटन घाट की बिगड़ रही खूबसूरती को देख यहां आने वाले लोग मायूस भी हो रहे हैं एवं आक्रोशित भी हैं कि प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जो रेत का उत्खनन पलटन घाट से करते हैं वे चाहे तो अन्य स्थानों से भी रेत उत्खनन कर सकते हैं परंतु जानबूझकर वे यहां से रेत उत्खनन कर यहां की खूबसूरती को बिगाड़ रहे हैं। रामानुजगंज के जो स्थानीय ट्रैक्टर मालिक है वे यहां रेत उत्खनन करने नहीं जाते वे बल्कि विरोध भी करते हैं परंतु बाहर के जो ट्रैक्टर मालिक हैं वे दबंगई से यहां से रेत उत्खनन करते हैं जिन पर कार्यवाही नहीं होने से हौसले बुलंद है।


गौरतलब है कि रामानुजगंज से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर वाड्रफनगर रोड में स्थित पलटन घाट बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रमुख पिकनिक स्पॉट में से एक है यहां की खूबसूरती यहां के पत्थर एवं रेत है। यहां पिकनिक मनाने आने वाले पत्थरों के ऊपर जा यहां की नैसर्गिक खूबसूरती का आनंद लेते हैं वही रेत में बैठकर सुकून महसूस करते हैं परंतु विगत कई दिनों से लगातार यहां से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन जारी है जो खनिज विभाग को सूचना के बाद भी नहीं रुक पा रहा है जिससे आने वाले समय में यहां पर बैठने तक की जगह नहीं मिल पाएगी।


बच्चों के उछल कूद के लिए खत्म हो गया ऊंचा रेत- पलटन घाट में एक ओर ऊंचा रेत का टीला हुआ करता था जिसमें जाकर बच्चे उछल कूद एवं फिसली खेला करते थे परंतु अब बच्चे भी मायूस होगे जो उछल कूद करने के लिए रेत भी था वह भी खत्म होते जा रही है। अब तो यहां पहुंचने वाले बच्चे भी कहने लगे की अधिकारी अंकल लोग इसे रुकवाते क्यों नहीं।


दो आईएएस खड़े होकर रुकवाये थे अवैध उत्खनन – एक समय पलटन घाट में अवैध रूप से रेत उत्खनन चरम पर था तब तत्कालिक कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन एवं तत्कालीन एसडीएम एवं आईएएस रितेश अग्रवाल मौके पर जाकर अवैध उत्खनन रुकवाये थे तब जाकर खनिज विभाग के द्वारा रेत उत्खनन प्रतिबंध का बोर्ड लगाया गया था। वर्तमान में खनिज विभाग को जानकारी है कि यहां से अवैध रेत उत्खनन हो रहा है उसके बाद भी विभाग यहां आकर देखने की जहमत नहीं उठा पा रहा है यदि विभाग चाहे तो रास्ते को ब्लॉक कर दे तो सारी समस्या खत्म हो जाएगी। रास्ते को ब्लॉक करने में कुछ हजार रुपए ही खर्च होंगे।


बाढ़ नहीं आया अब रेत भी नहीं भर पाएगा – इस बार कनहर नदी में बाढ़ नहीं आ पाया जिस कारण रेत का जो भराव बाढ़ से होता था वह भी नहीं हो पाया ऐसे में वहां से लगातार जिस प्रकार से रेत उठ रहा है वह इस वर्ष तो नहीं भर पाएगा ऐसे में जब यहां नए साल के आगाज में हजारों की संख्या में लोग आते हैं वे मायूस जरूर होंगे।

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