अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नाराजगी

वेद प्रकाश मिश्र

बिश्रामपुर। प्रशासनिक उदासीनता की वजह से भवन स्वीकृति के बाद भी मासूमों को परछी में बैठकर अपना भविष्य गढ़ने मजबूर होना पड़ रहा है। किराएदार को वर्षों से किराया भी नहीं मिलने के बाद भी मकान मालिक द्वारा मानवता का परिचय देते हुए मासूमों की पढ़ाई हेतु घर की परछी को दिया गया है। मजे की बात तो यह है कि जिला मुख्यालय से उक्त गांव की दूरी भी महज 15 किलोमीटर ही है लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा सतत मॉनिटरिंग के अभाव का खामियाजा मासूमों को भुगतने विवश होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि विकासखंड सूरजपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्राटिकरा के चिटकीपारा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन खुद के भवन के अभाव में गांव के ही मोतीराम राजवाड़े के मकान के परछी में किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त मोहल्ले में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति वर्ष 2017-18 में ही शासन द्वारा करीब सवा 6 लाख रुपए की दी जा चुकी है। बावजूद इसके लापरवाह पंचायत प्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की वजह से मासूमों के भविष्य गढ़ने हेतु वर्षों बाद भी उन्हें खुद का आंगनबाड़ी केंद्र भवन नसीब नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा उक्त भवन निर्माण के लिए शासकीय भूमि न होने का हिला हवाला देते हुए भवन निर्माण कार्य नहीं कराया गया लेकिन करीब 4-5 महीने पूर्व शासकीय भूमि पर वर्षों से काबिज देवनाथ राजवाड़े के मकान को प्रशासन द्वारा जमींदोज कराकर शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य कराए जाने की बात कही गई थी। मजे की बात तो यह है कि उक्त शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटाने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण हेतु ले आउट की प्रक्रिया भी पूर्ण करा दी गई थी लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। 

3 वर्षों से नहीं मिला किराया

बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के किराए का भुगतान भी करीब 3 वर्षों से नहीं किया गया है। करीब 5-6 महीने पूर्व ही मकान मालिक को 1 हजार रुपए किराए के रूप में मिल सका है और शेष राशि का किराया भुगतान नहीं हो सका है।

मेरे संज्ञान में है

हर्राटिकरा में एक आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्य के शुरू न होने की बात मेरे संज्ञान में है। जल्द ही उक्त कार्य को शुरू कराए जाने की पहल की जाएगी। पुराने स्वीकृत स्टीमेट की वजह से उक्त निर्माण कार्य को शुरू कराने में आपत्ति हुई है, जिसके लिए जल्द ही निर्णय लेकर कार्य शुरू कराया जाएगा।

                        आकांक्षा त्रिपाठी

 सीईओ, जपं सूरजपुर

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