नवीनीकरण के दौरान मामले का हुआ खुलासा

बिश्रामपुर। नगर पंचायत में सीएमओ का फर्जी शील व हस्ताक्षर करके वर्षों तक राशन कार्ड पर वर्षों से खाद्यान्न प्राप्त किए जाने का एक सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है। सीएमओ के फर्जी शील व हस्ताक्षर का मामला प्रकाश में आते ही खलबली मच गई है। अब मामले में नगर पंचायत क्षेत्र के राशन कार्डों की बारीकी से जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत निवास करने वाले करीब आधा दर्जन भर लोगों द्वारा साठगांठ के दम पर फर्जी तरीके से राशन कार्ड जारी कराकर उसमें नगर पंचायत की तत्कालीन सीएमओ युफ्रीसिया एक्का का फर्जी हस्ताक्षर कराकर शासकीय राशन प्राप्त करने का खेल वर्षों से खेला जा रहा है। वर्तमान राज्य की भाजपा सरकार द्वारा जब राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य शुरू कराया गया तब यह फर्जीवाड़े का खुलासा हो सका है। जिसमें पुराने राशनकार्डों को जमा करके नई राशन कार्ड हितग्राहियों को प्राप्त करना है। बताया जा रहा है कि उक्त अपराधिक कार्य को किसी सक्रिय गिरोह द्वारा अंजाम देकर शासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। मामले में फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद अब नगर पंचायत प्रबंधन हरकत में आई है और हितग्राहियों के राशनकार्डों को जमा कराकर बारीकी से जांच करके नवीन राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मामले में जिला खाद्य अधिकारी विजय किरण ने बताया कि इस प्रकार की घटना पहली बार प्रकाश में आई है। यदि फर्जीवाड़ा करके राशनकार्ड जारी हुए हैं तो मामले में संबंधित सीएमओ को तत्काल दोषियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कराया जाना चाहिए। नगर पंचायत की तत्कालीन सीएमओ युफ्रीसिया एक्का ने बताया कि फर्जी शील बनवाकर फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करके राशन कार्ड जारी किए जाने की जानकारी मुझे मिली है। मैंने नगर पंचायत कर्मचारियों को राशन कार्डों को एकत्र करके बारीकी से जांच करने की बात कही है। जांच उपरांत स्पष्ट हो जाएगा कि कितने लोगों द्वारा फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करके राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इसके पश्चात उक्त हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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