छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया भूपेश बघेल,कृषि मंत्री रविंद्र चौबे,खाद मंत्री अमरजीत भगत ने आज सँयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि अंततः केंद्र सरकार को धान से एथेनाल बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी देनी ही पड़ी,जिससे अब प्रदेश के किसानों को लाभ होगा।

केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री धमेन्द्र प्रधान ने आज भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को वर्चुअली सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की है कि धान से एथेनॉल फ्यूल बनाएंगे। इसमें 10 हजार करोड़ रूपए का निवेश होगा। जिसका फायदा छत्तीसगढ़ राज्य को मिलेगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य की बागडोर संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने तथा खेती-किसानी को प्रोत्साहित करने की दिशा में पूरी संजीदगी से प्रयासरत रहे है, मुख्यमंत्री बघेल शपथ लेने के तत्काल बाद ही किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए जिसमें कर्ज माफी, 2500 रूपए क्विंटल में धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी जैसे अहम फैसले शामिल रहे है। छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की है। छत्तीसगढ़ राज्य धान का कटोरा कहा जाता है। यहां विपुल मात्रा में धान का उत्पादन होता है। धान से चावल के अतिरिक्त अन्य लाभकारी सहउत्पाद तैयार किया जाना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा रही है, ताकि किसानों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में बड़ी मात्रा में धान के उत्पादन को देखते हुए इससे बायो एथेनॉल के उत्पादन के लिए प्लांट लगाने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने इसके लिए राज्य की नई औद्योगिक नीति में उद्यमियों को संयत्र लगाने के लिए कई रियायतों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल के चलते छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में धान से एथेनॉल                  बनाने के लिए चार निजी कंपनियों से बकायदा एमओयू भी किया है। जिसके लिए जगह का भी चयन कर लिया गया है,जांजगीर,मुंगेली,
महासमुन्द,धमतरी सहित बड़े पैमाने पर संयंत्र लगाने की बात कही।
 
     मुख्यमंत्री बघेल इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री, केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और नीति आयोग को पत्र लिखकर बायो एथेनॉल उत्पादन की अनुमति के लिए लगातार प्रयासरत थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में धान से एथेनॉल बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से रखा था। अंततः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट धान से एथेनॉल बनाने को अंततः केन्द्र सरकार की स्वीकारोक्ति मिलना किसानों के हित में उनकी दूरदृष्टि को परिलक्षित करता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब धान से एथेनॉल बनाने की बात कही थी तब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसका मजाक उड़ाया था, परन्तु आज उन्हीं की सरकार ने इसे लाभकारी मानते हुए इस पर राशि निवेश की बात कहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नजरिया हमेशा से किसानों, गरीबों और मजदूरों के हितों की रक्षा तथा देश का विकास और अर्थव्यवस्था की मजबूती देने का रहा है। धान से एथेनॉल का निर्माण होने से राज्य के किसानों को फायदा होगा, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान का बेहतर और लाभकारी निष्पादन हो सकेगा।
‌*कृषि मंत्री,रविंद्र चौबे ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से हमारे किसानो को बहुत लाभ होगा,मुख्यमंत्री ने लगातार दिल्ली प्रवास कर वस्तुस्तिथि से अवगत कराया गया था,हमने पिछले साल 84 लाख मीट्रिक टंन धान की खरीदी की थी,केंद्र की सरकार 1815 ₹ ही दे रही थी, हमने अपने किसानों से 2500₹ से धान की खरीदी की।
‌एफ.सी.आई. हमसे सिर्फ 43 लाख टन धान खरीदती थी, गरीबी योजना को भी पूरी करने के बाद भी धान बचता था, इस साल भी धान की बम्पर पैदावार हैं, केंद्र सरकार एजेन्सी के माध्यम से 2500 ₹ का पैमेंट करें, राज्य में अधिक से अधिक एथेनाल का प्लांट लगाने से ही हमारे किसानों को लाभ होगा।
‌*खाद्य मंत्री,अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान के कटोरे के नाम से जाना जाता है,हमारे मुखिया ने प्रदेश की दिशा और दशा बदलने के लिए धान के उपयोग के संदर्भ में केंद्र से वार्ता चालू रखा,जिसका परिणाम आज हमारे सामने है।

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