मानीचौक(उमाशंकर देवांगन)- एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र अंतर्गत संचालित रेहर, गायत्री, केतकी व ओसीएम, आमगांव खदानों का बिश्रामपुर पहुच का मुख्य मार्ग इस समय अपने बदहाली का आंसू बहा रहा है, सड़क टूटकर गड्ढा पूरी तालाब जैसे तब्दील हो गई है और राहगीरो के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
सूरजपुर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत मानीचौक से छ.ग ढाबा तक के लगभग 10 किलोमीटर के दूरी वाला सड़क में सैकड़ों ऐसे गड्ढा हो गया है जिससे राहगीरों का हालात खस्ताहाल हो गया है राहगीरों को रोजाना गढ़ो का शिकार होकर अस्पताल जाने पड़ रहे है, मोटरसाइकिल से ड्यूटी आने वाले एसईसीएल कर्मी भी इस घटना से वाकिब है ड्यूटी आते या जाते समय इस भयानक गड्ढे में गिर चोटिल हो चुके है। प्रबंधन द्वारा पिछले बरसात से पूर्व केवल साइड सोल्डर का कार्य किया गया था जो एक बरसात भी झेल नही पाया प्रबंधन के ठेकेदार द्वारा कार्य मे व्यापक स्तर पर अनियमितता बरती गई थी, सड़क किनारे मिट्टी डाल रॉड रोलर भी नही चलाया गया था जिसका खामियाजा आम लोगो को भुगतना पड़ रहा है। बदहाल सड़क के बड़े-बड़े गड्ढा वजह से आमजन को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,और राहगीर आये दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। एसईसीएल की उदासीनता से ग्रामीणों में खासी नाराजगी ब्याप्त है प्रबंधन द्वारा सड़क का पूर्ण मरम्मत कार्य कराए जाने हेतु तत्काल कोई ठोस पहल नही किये जाने से ऐसा प्रतीत होता हैं कि एसईसीएल शायद यहां पर किसी बड़ी हादसे का इंतजार कर रहा है।
जबकि एसईसीएल के करोड़ो रूपये का कोयला का परिवहन कार्य भी इसी मार्ग से प्रतिदिन हो रहा है इसके बावजूद अधिकारियों का इस ओर ध्यान नही देना एक घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जबकि ग्राम डेडरी के सड़क में बनी गड्ढा मौत के कुआ से कम नही है, सड़क उखड़ कर दो से तीन फीट गहरा खाई में तब्दील हो गया है और बरसात का पानी सभी गढ़ो में भर गया है। जिसके कारण राहगीर समझ नही पाते है की गड्ढा कितना गहरा है और अधिकतर मोटरसाइकिल सवार लोग इस गड्ढे में गाड़ी गलती से डाल जाते है एवं गिरकर चोटिल हो जाते है। साथ ही पानी मे डूबने से वाहन को भी क्षति पहुंच रही है, चार चक्का वाहन मालिक सड़क का गड्ढा देख हिम्मत नही जुटा पा रहे है सड़क पार करने के लिए जिससे कर मालिको के लिए गड्ढा एक बड़ा मुसीबत बन गया है।
जबकि इन सड़को के दुर्दशा का जवाबदार एसईसीएल के अधिकारी रोजाना इस मार्ग से अपने आंखों में पट्टी बांधकर आवाजाही करते है तभी तो सड़क में बनी जानलेवा गड्ढों पर किसी की नजर नही पड़ रहा है। ग्राम पंचायत डेडरी के बलिन्दर राजवाड़े ने बताया की एसईसीएल से तत्काल मरम्मत कार्य कराए जाने के लिए एक कमेटी तैयार किये है इस सबन्ध में एसईसीएल को एक ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जाएगा और जल्द सड़क मरम्मत कार्य मे दिलचस्पी नही दिखाई तो हम सभी ग्रामवासी सड़क में उतर आंदोलन करने लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जवाबदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी क्योंकि हम सभी ग्रामवासी सड़क मरम्मत कार्य की मांग को पिछले वर्षों से कर रहे है परन्तु आजतक सड़क मरम्मत के नाम से केवल आस्वासन ही दिया है एसईसीएल हमे ठगी का शिकार बनाया है इसलिए इस बार मांग को बिना पूरा कराए हम आंदोलनरत रहेंगे।
एसईसीएल के रेहर,गायत्री, केतकी खदानों को खुले वर्षों हो गए है लेकिन एसईसीएल के गोद ग्राम के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है जबकि एसईसीएल खदान की कमाई का 30 प्रतिशत गांव के विकाश कार्यों में खर्च करना है लेकिन आज भी गांव के लोग सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल, शिक्षा से वंचित है और प्रबंधन अपना कार्य आसानी से निकाल ले रहा है।
बीएमएस अध्यक्ष गायत्री खदान एम.एस.मरकाम ने बताया कि सबएरिया मीटिंग में हमलोग इस बात को रखे थे पर वहां से हमें सही रेस्पॉन्स नही मिला है कि कार्य कब स्वीकृति होगा अगला मीटिंग में पुनः इस मांग को रखेंगे।
सबएरिया मैनेजर वी.के चौधरी ने बताया कि छ.ग.ढाबा से केतकी खदान तक का कार्य स्वीकृति मिल चुका है और शुरू करने का वर्क ऑर्डर भी मिल गया है थोड़ा मौसम साफ हो जाये इसके बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
