अनिल उपाध्याय


सीतापुर:-लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ो रूपये की लागत से निर्मित सड़क की मरम्मत के बाद भी धज्जियाँ उड़ने लगी है।साढ़े चार किमी लंबी यह सड़क पूर्ण होने के बाद दम तोड़ने लगी थी जिसकी कुछ दिनों पहले मरम्मत कराई गई थी।किंतु गुणवत्ता की अनदेखी की वजह से मरम्मत के बाद भी सड़क का टूटना जारी है।जिसे देख स्थानीय लोगो में काफी असन्तोष व्याप्त है।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर उदासीनता बरतने का आरोप लगा सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की माँग की है।
गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 3 करोड़ 86 लाख की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबी रायकेरा-तेलाइधार सड़क का निर्माण कराया गया था।बीते वर्ष कोरोना काल के दौरान हुए लॉकडाउन के समय इस सड़क का काम प्रारंभ हुआ था जिसे मूल ठेकेदार के बजाए पेटी कांट्रेक्टर द्वारा पूर्ण कराया गया था।निर्माण कार्य के दौरान निरीक्षण के बजाए लॉकडाउन का बहाना बना विभागीय अधिकारियों ने दूरी बनाये रखी।जिसका पूरा लाभ ठेकेदार ने उठाया और गुणवत्ता ताक पर रखते हुए सड़क निर्माण करा दिया।काफी आरोप प्रत्यारोप के बाद जब सड़क बनकर तैयार हुई थी तब क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली थी।किंतु आवागमन बहाल होते ही सड़क ने घटिया निर्माण की पोल खोल कर रख दी और क्षेत्रवासियों के लिए राहत के बजाए परेशानी का सबब बन गई।सड़क बन जाने से क्षेत्रवासी काफी खुश थे उन्हें लगा कि अब पिछड़ेपन के अभिशाप से मुक्ति मिल जायेगी किंतु दम तोड़ती सड़क ने उनकी खुशी पर पानी फेर दिया।लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ो की लागत से तैयार कराई गई सड़क की इस दुर्दशा के लिए जहाँ विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है वही स्थानीय लोगो ने भी मोर्चा खोलते हुए सड़क की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की है।

आनन-फानन में कराई गई सड़क मरम्मत की उड़ने लगी धज्जियाँ:-सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता में बरती गई लापरवाही की पोल खुलते ही उस पर लीपापोती का प्रयास जारी हो गया।आनन फानन में ठेकेदार द्वारा काम शुरू करा सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी गई।किंतु थूक पॉलिस कर कराई गई सड़क की मरम्मत ज्यादा टिकाऊ साबित नही हुआ और कुछ दिनों बाद ही मरम्मत कार्य की धज्जियाँ उड़ने लगी।सड़क जगह जगह से फिर टूटने लगी है।

मौके पर नही लगा है निर्माण कार्य से संबंधित सूचना पटल:-3 करोड़ 86 लाख की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबी रायकेरा-तेलाइधार सड़क निर्माण कार्य के संबंध में विभाग कार्यस्थल पर सूचना पटल लगवाना भूल गई।जबकि अमूमन बड़े निर्माण कार्य से संबंधित सूचना पटल कार्यस्थल पर लगाना अनिवार्य होता है ताकि आमलोगों को भी कार्य से संबंधित जानकारी प्राप्त हो सके
अधिकारी पहुँचे निरीक्षण करने:-विगत दिनों “सड़क ने खोली घटिया निर्माण की पोल” नामक शीर्षक से हरिभूमि में प्रकाशित खबर के बाद विभाग हरकत में आई।करोड़ो की लागत से बनी सड़की का माली हालत जानने कार्यपालन अभियंता एवं एसडीओ ने सड़क का मुआयना किया।निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जाँच हेतु सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री कलेक्ट कर जाँच हेतु लैब में भेजा गया।

इस संबंध में एसडीओ लोनिवी प्रकाश सिन्हा ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया है।सड़क निर्माण संबंधी सामग्री परीक्षण हेतु लैब में भेजा गया है।वहाँ से जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई किया जायेगा।

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