सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में रासेयो इकाई ने किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
अंबिकापुर। साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सविता मरावी, लोरेता एक्का महिला थाना के अलावा साइबर वालेंटियर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा एवं कार्यक्रम अधिकारी रासेयो रानी रजक व सहायक कार्यक्रम अधिकारी रासेयो सीमा बंजारे ने दी। इन्होंने बताया डिजिटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार, संचार, मनोरंजन हर क्षेत्र में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। इन्हीं खतरों से लोगों को जागरूक और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से साइबर सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करके विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, पासवर्ड सुरक्षा, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षा के साथ डिजिटल इंडिया का सपना साकार करना है। साइबर वालेंटियर्स विक्की गुप्ता ने कहा कि शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार, मनोरंजन, यहां तक कि हमारी पहचान भी इंटरनेट से जुड़ी हुई है। डिजिटल दुनिया में हमें सुविधाओं के साथ खतरा और चुनौतियां भी मिली हैं। ऑनलाइन फ्रॉड, डेटा चोरी, फेक न्यूज, साइबर बुलिंग, हैकिंग जैसे खतरे से बचने का एकमात्र उपाय साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता है। इंटरनेट का सुरिक्षत उपयोग करें, अनजान लिंक या संदेश पर क्लिक नहीं करें। अपने पासवर्ड को मजबूत और गोपनीय रखें व सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या साइबर हेल्पलाइन में सूचित करें। भारत सरकार ने भी साइबर सुरक्षा को लेकर पोर्टल शुरू किया है, जिनका उपयोग हम सभी को करना चाहिए। अतुल गुप्ता ने साइबर अपराध के चपेट में आने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने कहा। उन्होंने अभिव्यक्ति ऐप के बारे में विस्तार से बताया, जो मुख्य रूप से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, इससे आपातकाल में तुरंत पुलिस की सहायता मिलेगी। इसका उपयोग करने वाला बिना थाने गए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। इस ऐप से महिलाएं कई प्रकार के कानूनी अधिकारों और सुरक्षा टिप्स की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। आपातकाल सूचनाओं का आदान-प्रदान डॉयल 112 में भी कर सकते है। सविता मरावी ने कहा साइबर अपराधों से खुद को बचाने की प्राथमिक जिम्मेदारी हमारी खुद की है। हमें अपना पर्सनल फोटो, वीडियो ऑनलाइन डालने से बचना चाहिए। आजकल कम उम्र के लड़के-लड़कियां गलत संगति में फंसकर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। उन्होंने यातायात के नियमों की जानकारी दी और किसी प्रकार की समस्या आड़े आने पर ऑनलाइन शिकायत के प्रावधान से अवगत कराया और कहा महिलाएं बिना पुलिस स्टेशन गए ऑनलाइन दुष्कर्म, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी जैसी अन्य शिकायतें अभिव्यक्ति ऐप पर दर्ज कर सकती हैं, और शिकायतों की स्थिति से अवगत हो सकती हैं। इस दौरान महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक मिथलेश कुमार गुर्जर, उर्मिला यादव, सुप्रिया सिंह, सविता यादव, पूजा रानी, ज्योत्सना राजभर, अर्चना सोनवानी, गोल्डन सिंह, अजीत सिंह परिहार, नितेश कुमार यादव, सुन्दरराम एवं स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही।

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