लखनपुर (दिनेश बारी)- जिला सहकारी समिति लखनपुर के समिति प्रबंधक के द्वारा सत्ता पक्ष के दबाव में आकर नियम कानून को ताक पर रखकर स्थित समिति के भवन के दुकान को देने पर समिति के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के द्वारा सामूहिक इस्तीफा कलेक्टर के समक्ष देने की भी बात कहीं जा रही है। समिति में टायर घोटाला होने की भी चर्चा जोरों पर है।

लखनपुर जिला सहकारी मर्यादित समिति लखनपुर में विगत दिनों समिति प्रबंधक के द्वारा स्थित भवन में एक दुकान निर्माण काफी समय से था जिसमें समिति के खाद बीज सहित अन्य सामग्री रखी गई थी जिससे समिति प्रबंधक और सत्ता पक्ष के लोगों के द्वारा दबाव बनाकर उसे नियम विरुद्ध तरीके से दुकान आवंटित कर दिया गया है जिससे समितियों के समस्त पदाधिकारी अध्यक्ष उपाध्यक्ष इस संबंध में किसी प्रकार की सहमति एवं प्रस्ताव नहीं लाने पर भी काफी नाराजगी व्यक्त की जा रही है और चर्चाओं में यह बात चल रही है जिसे देखते हुए समिति प्रबंधक अपने इससे बात को स्वीकार भी किया गया कि सत्ता पक्ष के द्वारा दबाव बनाकर मुझे यह कार्य दुकान आवंटित कराया गया है चूँकि समिति के अध्यक्ष उपाध्यक्ष समिति के पदाधिकारियों को इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं होना बताया गया है तथा मनमानी तरीके से इसे शासकीय भवन में प्राइवेट व्यक्ति को दुकान देना एक प्रश्नचिन्ह खड़ा करता यह पहली बार ऐसा कृत्य लोगों को सामने आया है कि नियम कानून को ताक पर रखकर यह दुकान आवंटित कर दिया गया। इससे पहले कभी भी इस तरह का व्यवस्था समितियों के द्वारा नहीं किया गया था दुकान आवंटन नियम विरुद्ध को अगर जल्द से जल्द के वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन एवं चक्का जाम की कार्रवाई भी करने के लिए विवश रहेंगे।

टायर घोटाल- विगत पूर्व में चार-पांच वर्ष पूर्व समिति लखनपुर के द्वारा टायर 20 लाख की खरीदी कर वाहन मालिकों को टायर बिक्री का कार्य प्रारंभ किया गया था परंतु समिति में 2000000(बिस लाख) रुपए टायर का राशि का अभी तक हिसाब किताब नहीं होना और 2000000( बिस लाख)रुपए का गमन होने की भी बात समिति के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने उठाई है वही इस विषय पर सरगुजा कलेक्टर से जांच की मांग की जाए रही है।

जिला सहकारी मर्यादित बैंक किस समिति के भवन से प्राइवेट भवन में जाने एवं मुख्य मार्ग से दूसरे स्थान जाने से भी किसानों में भारी रोष व्याप्त है जिससे सत्ता रुण पार्टी के पदाधिकारियों के दबाव में बैंक को स्थानांतरित कर दिया गया है।

बयान-

बुधन सिंह जिला सहकारी समिति लखनपुर अध्यक्ष के द्वारा इस संबंध पर पूछे जाने पर बताया गया कि लखनपुर जिला सहकारी समिति के द्वारा समिति प्रबंधक की मनमानी रवैया एवं समिति के समस्त पदाधिकारी कांग्रेश दबाव में आकर कार्य किया जा रहा है और नियम विरुद्ध कार्य इन दिनों काफी पैमाने पर देखे जा सकते हैं आदिवासी उनको भी उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है इस शासनकाल में इसी तारतम्य में दुकान आवंटन की सूचना एवं जानकारी हम किसी को नहीं है ना ही हमको समिति के द्वारा इस संबंध में आवंटित होने का सूचना दिया गया है समिति प्रबंधक की मनमानी कार्य शैली एवं कांग्रेसका दबाव के कारण यह दुकान आवंटित किया गया है क्योंकि आज से पहले कभी भी समिति के समक्ष एक छोटा दुकान बना हुआ था जिसमें समिति के खाद बीज संग्रहण किया जाता था परंतु सातारा में मदमस्त होकर चल रहे कांग्रेस के पदाधिकारियों ने दबाव में यह समिति प्रबंधक के द्वारा किया गया है।

जिला सरकारी समिति के उपाध्यक्ष दिनेश साहू ने भी पूरे समिति एवं जिला सहकारी समिति के कार्य प्राणियों में प्रश्न खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि हम सब समिति के पदाधिकारियों को अध्यक्ष उपाध्यक्ष समिति के सदस्यों को दुकान आवंटित होने की सूचना नहीं दी गई है तथा हम सबको उपेक्षा लगातार किया जा रहा है जिससे हम लोग उपस्थित होकर सामूहिक रूप से सरगुजा कलेक्टर को अपना इस्तीफा सौंपेंगे तथा यह कार्य प्राणी जिस तरह से कांग्रेस के दबाव में जिला सहकारी समिति के प्रबंधक के द्वारा किया जा रहा है और आए दिन इस तरह का कार्य प्राणी से नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं पूरे विकासखंड के अंतर्गत दबाव की राजनीति चरम पर है।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष रामनारायण दुबे ने भी कांग्रेस की इस तरह से कार्य पानी पर सीधा सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जिला सहकारी समिति लखनपुर के जिस तरह से नियम कानून को ताक पर रखकर दुकान आवंटित कर दी है जिससे प्रदर्शित होता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के दबाव में आकर समिति प्रबंधक नियम कानून को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं यह प्रमुख जांच का विषय है और इसके लिए हम सबको एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने की भी चेतावनी दी गई है अगर नियम विरुद्ध कार्य कहीं भी होते हैं जनता से जुड़ा हुआ मामला जनता का अधिकारों का हनन होता है तो जनता के लिए हम हमेशा खड़ा रहेंगे और जन्ता के लिए हम खड़े रहेंगे चाहे इसके लिए आन्दोल का सहारा लेना पड़े तो भी पीछे नही हटेगे।

समिति प्रबंधक लखनपुर चंद्र प्रताप सिंह के द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर बताया गया कि समिति की संपत्ति है समिति के द्वारा इसे आवंटित किया गया है इस पर किसी प्रकार का किसी का दबाव नहीं होना बताया गया।

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने भी दुकान आवंटित जिला सहकारी समिति किस प्रक्रिया को पूरा गलत बताते हुए सीधे रूप में आरोप लगाया कि कांग्रेस के सत्तारूढ़ पदाधिकारियों के दबाव में आकर समिति प्रबंधक नियम कानून को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई है अगर इस कार्रवाई को वापस नहीं लिए गए तो जनहित में देखते हुए उग्र आंदोलन एवं चक्का जाम की प्रक्रिया की जावेगी।

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