अंबिकापुर। मैनपाट वन परिक्षेत्र में दल से बिछड़े एक हाथी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बीती रात जंगली हाथी ने ग्राम कोटछाल, बिलाईढोढी में तीन मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया, इसके अलावा प्राथमिक शाला बिलाईढोढ़ी का चैनल गेट तोड़ दिया। दल से बिछड़े हाथी के द्वारा मचाए गए उत्पात के बाद वन अमला एलर्ट है और ग्रामीणों को हाथी से छेड़छाड़ नहीं करने का आग्रह किया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात करीब नौ बजे जंगली हाथी बिलाईढोढी बस्ती में प्रवेश किया और तीन मकानों को क्षतिग्रस्त करते हुए घर पर रखे अनाजों को चट कर गया। इस दौरान घर के अंदर रखे जरूरी सामानों को भी कुचलकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
सरगुजा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी के उत्पात से ग्रामीण हलाकान हैं। बस्ती में हाथी के प्रवेश के बाद से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। एक तरफ मौसम की मार, दूसरी ओर हाथी के दहशत से खौफजदा ग्रामीण जान सलामती के लिए बच्चों व परिवार के साथ भटकते फिर रहे हैं। हाथी के द्वारा तबाही मचाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला ग्रामीणों को सतर्क करने के साथ ही इन्हें सुरक्षित ठिकाने की ओर ले जाने के प्रयास में देर रात तक लगा रहा। ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त करने के बाद हाथी ने प्राथमिक शाला भवन के चैनल गेट को भी जोर-आजमाइश कर क्षतिग्रस्त कर दिया। गांव में रात भर उत्पात मचाने के बाद हाथी की रवानगी सीतापुर वन परिक्षेत्र की ओर हुई है। हालांकि हाथी की वापसी का भय ग्रामीणों को अभी भी सता रहा है। वन अमला हाथी के गमन मार्ग पर नजर रखा है। बता दें कि सरगुजा जिले के मैनपाट, लखनपुर और सीतापुर इलाके में अक्सर हाथियों का दल पहुंचता है, जो ग्रामीणों के मकानों, फसलों को क्षति पहुंचाने के बाद दूसरे इलाके की ओर रवाना होता है। वर्तमान में दल से बिछड़ा एकमात्र हाथी मैनपाट वनपरिक्षेत्र के ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बना है। आए दिन हाथी ग्रामीणों के मकान को क्षति पहुंचा रहे हैं, वहीं वन अमले का हाथी को रहवासी क्षेत्र में घुसने से रोकने चल रहा प्रयास फेल नजर आ रहा है।
क्षति का आंकलन करेगा विभाग
मैनपाट वन परिक्षेत्र के रेंजर फेंकू चौबे ने बताया कि हाथियों का दल फिलहाल जशपुर की ओर निकल गया है, जबकि दल से बिछड़ा एक हाथी मैनपाट क्षेत्र में जमा है, जिसका रूख फिलहाल सीतापुर की ओर है। बिछड़े हाथी के द्वारा ग्रामीणों के घर-मकान को नुकसान पहुंचाया गया है, वहीं प्राथमिक शाला के गेट को क्षतिग्रस्त किया गया है। ग्रामीणों को मुआवजा राशि देने के लिए हाथी के द्वारा पहुंचाई गई क्षति का आंकलन वन विभाग करेगा।

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