धरातल की स्थिति जानने पहली बार ब्लॉक स्तर पर हुआ बैठक का आयोजन
अंबिकापुर। जिला पंचायत सरगुजा के जिला स्तरीय शिक्षा स्थायी समिति की बैठक विकासखंड शिक्षा कार्यालय मैनपाट में आयोजित की गई। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने इस मौके पर कहा कि बैठकें लगातार जिला पंचायत के सभाकक्ष अथवा अंबिकापुर में होने से क्षेत्र की समस्याओं के बारे में सही जानकारी कई बार मिल नहीं पाती है। जिला पंचायत सदस्य एवं जनपद के प्रतिनिधियों के सवाल-जवाब के दौरान कई बार अधिकारी गलत जवाब दे देते हैं, लेकिन धरातल में स्थिति कुछ और रहती है। इन्हीं कारणों से ब्लॉक स्तर पर बैठक का आयोजन किया जा रहा है ताकि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं का निराकरण हो। धरातल पर देखा जा सके कि जो कागजों पर है वह यथार्थ में क्या है? जिले के सातों ब्लाकों में अलग-अलग समिति की बैठक कर वहां की समस्याओं का निराकरण होगा, इससे आमजनों से मुलाकात का भी अवसर मिलेगा।
मैनपाट में आयोजित बैठक में मध्यान्ह भोजन, सरस्वती नि:शुल्क सायकल योजना, आत्मानन्द हिंदी एवं अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय, हॉस्टलों की स्थिति, विद्यालयों की स्थिति सहित शिक्षकों की पदस्थापना एवं अन्य विषयों पर चर्चा हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह ने हॉस्टलों की स्थिति, वहां पर पानी, खाना सहित अन्य उपलब्धता एवं मध्यान्ह भोजन में मिलने वाले आहार को लेकर सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि मीनू कुछ और है, मिल कुछ और रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उपस्थित जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से पूछा कि क्या आपने कभी मीनू के आधार पर खाना का वितरण देखा है, अधिकतर ने कहा नहीं। इस पर मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को सुधारने हेतु निर्देशित किया गया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि विगत दिनों वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर गए थे, जहां बच्चों ने जानकारी दी कि जिले के लगभग 100 बच्चे जेईई एवं नीट की तैयारी कर रहे हैं। ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से पढ़ाई होने से काफी परेशानी होती है। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाया जाए और हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, क्या ऐसा संभव है? इस पर आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी ने कहा कि एक मई से 15 जून तक के लिए हॉस्टल वे उपलब्ध करा सकते हैं, किंतु भोजन एवं अन्य खर्च की व्यवस्था करनी होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने कहा कि डीएमएफ एवं अन्य मद से भोजन एवं अन्य खर्च की व्यवस्था की जाएगी ताकि जिले के बच्चों को अच्छी कोचिंग व रहने-खाने की सुविधा मिल सके। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य राजनाथ सिंह, अनिमा केरकेट्टा, बालमदीना निराला, सुनील बखला, जनपद पंचायत सीतापुर के उपाध्यक्ष शैलेश सिंह, लखनपुर उपाध्यक्ष अमित सिंह देव, मैनपाट जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जिला शिक्षा अधिकारी, आदिवासी विकास आयुक्त सहित शिक्षा विभाग से संजय सिंह, रविशंकर पांडेय, रमेश सिंह, गिरीश गुप्ता, संजय सिंह व अन्य कर्मचारी-अधिकारी के अलावा बलराम यादव, अटल यादव, नागेश्वर यादव उपस्थित थे।
80 फीसदी स्कूलों में बैठक व्यवस्था सही नहीं-आदित्येश्वर
जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि उन्होंने अंबिकापुर ब्लॉक के 41 गांवों के सभी प्रायमरी स्कूलों का सर्वे कराया है, जहां 100 से अधिक स्कूल में केवल 20 ही ऐसी स्थिति में मिले, जहां बच्चों के बैठने लायक अच्छी स्थिति है। बाकी सभी स्कूल जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। इसके लिए काम करने की आवश्यकता है, प्रायमरी स्कूलों की ओर ध्यान नहीं देने के कारण ऐसी स्थिति है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। कैसे हम कार्ययोजना बना कर अगले दो-तीन वर्षों में स्कूलों को ठीक कर सकते हैं, इस पर कार्य करना है।
कम लागत में ज्यादा काम की तकनीक अपनाएं-राकेश
जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने कहा कि स्कूलों की मरम्मत के लिए पैसे कम मिल रहे हैं, जिससे स्कूलों के भवन अच्छी स्थिति में नहीं है। उन्होंने बताया कि अंबिकापुर ब्लॉक में कम पैसे में ज्यादा कक्ष बनाने का एक प्रयोग किया गया है, जहां तीन अतिरिक्त कक्ष के स्थान पर एक साथ पांच कक्ष, 4 के स्थान पर 7 कक्ष, ऐसी कुछ तकनीक हमें अपनाना होगा, जिससे कम लागत में ज्यादा काम कर सकें और स्कूलों को साधन-सुविधा के साथ अच्छा स्वरूप दिया जा सके।

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