रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- मां महामाया मंदिर के समीप भ्रष्टाचार की इमारत के रूप में स्थापित हो चुकी कन्हर एनीकट के निर्माण के करीब 6 वर्ष से अधिक समय गुजर गए एनीकट में जहां 8 करोड़ रुपए से अधिक जल संसाधन विभाग के द्वारा खर्च कर दिए गए वहीं निर्माण के 6 वर्ष के बाद भी निर्माण के दौरान निकले पत्थरों को विभाग नहीं हटा सका। जबकि आज तक एनीकट का कार्य पूर्ण नहीं हुआ साथ ही एनीकट बनने के बाद दो बार टूट भी चुका है।
गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रमुख देवी स्थलों में एक नगर के वार्ड क्रमांक 9 में स्थित मां महामाया मंदिर है जहां छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड बिहार से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। यह जिले वासियों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। परंतु इसी के सामने जल संसाधन विभाग के द्वारा कन्हर के तट पर एनीकट के निर्माण के दौरान निकले पत्थरों को बेतरतीब ढंग से रख दिया गया है जो 6 वर्षों से महामाया मंदिर के सामने की खूबसूरती को बिगाड़ रहे हैं परंतु विभाग के अधिकारी इस और ध्यान देना तो दूर देखने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं जिसे लेकर नगर में आक्रोश है।

5 करोड़ की एनीकट में बिना कार्य पूर्ण हुए निकल गए थे 8 करोड़ से अधिक की राशि- जब एनीकट का निर्माण किया जा रहा था तब इसकी लागत 5 करोड़ रुपय के करीब थे। जबकि निर्माण के दौरान आधा मीटर ऊंचाई घटा दिया गया तो लागत घटना चाहिए था परंतु लागत बढ़कर आठ करोड़ रुपए से अधिक हो गया यहां तक कि आज तक निर्माण पूर्ण नहीं हुआ और पूरी राशि आहरित कर ली गई।

न जांच न कार्यवाही तो हौसले बुलंद होंगे ही- एनीकट निर्माण में बड़ा भ्रष्टाचार किया गया परंतु इसकी आज तक जांच विधिवत ढंग से नहीं हुई जिस कारण एनीकट के भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध न कुछ कार्यवाही हो पाई यहां तक की एनीकट में भ्रष्टाचार का मामला जनप्रतिनिधि आवाज उठाते रहे एवं जल संसाधन विभाग फर्जी राशि आहरित करता रहा। कार्यवाही नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद होंगे ही।

इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि एनीकट निर्माण के दौरान जो पत्थर निकले उसे बेतरतीब ढंग से महामाया मंदिर के सामने छोड़ दिया गया है जिसे आज तक न व्यवस्थित स्वरूप दिया गया न हटाया गया यह विभाग के अकर्मण्य एवं लापरवाह रवैए को दर्शाता है। जल संसाधन विभाग को इस ओर संज्ञान लिए जाने की आवश्यकता है।

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