बलरामपुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुर में एक बच्चे की मौत का मामला गहराता जा रहा है। इस बच्चे की मौत के मामले में स्थानीय लोगों ने भूख से मौत होने की बात कह रहे हैं। हादसे की जानकारी लगते ही अनुविभागीयअधिकारी, तहसीलदार ,सीईओ वाड्रफनगर एवं महिला बाल विकास की टीम मौके पर पहुंची मामले की सच्चाई पता लगाने में जुटी हुई है।

जिले के वाड्रफनगर ग्राम पंचायत के भगवानपुर में कोड़ाकु जनजाति के बच्चे की मौत में सबको हिला के रख दिया है । जहां एक और कोरोना ने देश हिला कर रख दिया है तो वही अजीबो गरीब मामले से लोगों की जाने जा रही हैं। यह ताजा मामला बलरामपुर जिले का जहां एक बच्चे की मौत हो जाती है तब यह पता चलता है कि वह बच्चा कुपोषित था। कुपोषित की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गई। आनन-फानन में वाड्रफनगर जनपद के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत बच्चे के नाना से जानकारी ली। मृत बच्चे के माता पहले ही मौत हो चुकी है। वही माता की मौत के बाद पिता ने भी उस बच्चे को छोड़कर उसके नाना के पास चल दिया। तब से उसका लालन-पालन इसके नाना के द्वारा किया जा रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि इसका नाना पूर्व से ही मांगने खने का कार्य करता था जो मांगता खाता था और इन बच्चों का भरण पोषण करता था।

जिले में आज भी कोडांकू जनजाति के लोगो को आज भी भूख से मरने की नौबत आ गई है। जबकि कोरोना महामारी का संकट चल रहा है। सरकार हर गरीब व्यक्ति प्रवासी मजदूरों को भी राशन देने का फैसला तो किया लेकिन जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत भगवानपुर में अजीबोगरीब व दिल को झकजोर देने वाला मामला सामने आया है।


एक कोडाकू परिवार मांगने खाने का कार्य कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है ना उसके पास राशन कार्ड है न ही इस कोरोना महामारी में सरकार से मिलने वाला चावल तक नसीब नहीं हुआ बिफन का 2 साल का नाती की तबीयत खराब हुई तो अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन डॉक्टर काफी कुपोषण ग्रसित बताया।प्राम्भिक इलाज कर उसे घर भेज दिया।वही महिला बाल विकास की माने तो सेक्टर की सीमा विवाद को लेकर आपस में ही कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी से मुकर रहे है।महिला बाल विकास विभाग के कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये हमारे सेक्टर में नही आते है।जिसके चलते आज तक मृतक को रेडी टू इट,दूध,अंडा,तक नही मिला।भूख और कुपोषण से मासूम बच्चे की मौत के वाड्रफनगर के प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम,सीईओ,तहसीलदार, महिला बाल विकास विभाग सभी अधिकारी मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिला और उनके लिए खाद्यान की व्यवस्था भी करवाई।

वह इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग के द्वारा बताया गया कि महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा इसके घर तक कई बार जाया गया लेकिन या वहां पर कोई भी मौके पर नहीं मिला। जिसकी वजह से आज तक उसका आगनबाडी केंद्र में किसी प्रकार का कोई नाम नहीं है देखना यह होगा कि इस मृतक बच्चे को न्याय मिल पाता है कि अन्य मृतकों की तरह इसकी भी फाइल दबी जाएगी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी जे आर प्रधान ने कहा कि हम इसकी जांच कर रहे हैं जांच के उपरांत जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उस पर कार्यवाही की जाएगी।

Categorized in: