रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- जल संसाधन विभाग का भ्रष्टाचार फिर एक बार फिर नगर की 25 हजार की आबादी को रुलाएगा। कन्हर नदी सूखने के कगार पर आ गया है वहीं एनीकट के सभी गेट के बंद होने के बाद भी गेट के खराब होने कारण लगातार पानी निकल रहा है जिस कारण सप्ताह दिन के अंदर एनीकट भी सूख जाएगा। जल संसाधन विभाग 9 करोड रुपए एनीकट के अधूरे निर्माण में लगा दिया है वही कुछ हजार रुपए खर्च करके एनीकट के चाहे तो गेट दरवाजा ठीक करा सकता है। परंतु विभाग के लोग इसे देखने तक की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं तो मरम्मत करवाने के बारे में सोचना भी बेमानी सिद्ध होगी।

गौरतलब है कि नगर में उत्पन्न होने वाले भीषण जल संकट से उबारने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा एनीकट का निर्माण कन्हर में कराया गया परंतु एनीकट की जब ऊंचाई 3 मीटर थी तब लागत 5 करोड 59 लाख रुपए थे परंतु आधा मीटर ऊंचाई घटाने के बाद भी लागत घटने की जगह 9 करोड़ रुपए हो गए यहां तक कि निर्माण भी पूर्ण नहीं हुआ और राशि भी निकल गई। अधूरा निर्माण के बाद कई बार एनीकट क्षतिग्रस्त भी हो गया परंतु विभाग मरम्मत तक नहीं करवा रहा है एक बार फिर अब एनीकट का भ्रष्टाचार नगर की 25 हज़ार आबादी को रुलाएगा क्योंकि कन्हर नदी पूर्णता सूखने के कगार पर आ गया है वहीं एनीकट के सभी गेट बंद होने के बाद भी लगातार पानी निकल रहा है जिससे आने वाले 1 सप्ताह के अंदर एनीकट भी सूख जाएगा जिससे नगर की जल प्रदाय व्यवस्था चरमरा जाएगी क्योंकि नगर में नियमित जल प्रदाय कन्हर नदी पर ही आश्रित है।

नगर पंचायत है चिंतित अभी से पानी सप्लाई हुआ कम……. नदी के सूखने एवं एनीकट के भी जवाब देने की स्थिति में नगर पंचायत की जल प्रदाय व्यवस्था चरमराना अभी से शुरु हो गई है। नियमित जल प्रदाय व्यवस्था नगर पंचायत की प्रभावित हो ही रही है वही आने वाले समय में और स्थिति बदतर होगी।

विभाग के अधिकारियों को नहीं है देखने की फुर्सत…… एक ओर एनीकट के नाम पर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार जल संसाधन विभाग के द्वारा कर दिया गया वहीं अब ऐसी स्थिति आ गई है कि एनीकट का गेट न समय पर बंद होता है ना खुलता है यहां तक कि क्षतिग्रस्त एनीकट को देखने तक की जहमत विभाग के अधिकारी नहीं उठा पा रहे हैं ऐसे में एनीकट में सुधार किये जाने की सोचना भी बेमानी साबित होगी।

न जांच न कार्यवाही कैसे रुकेगा भ्रष्टाचार…… कन्हर एनीकट का निर्माण आज तक पूरा नहीं हुआ वहीं 9 करोड रुपए ठेकेदार एवं विभाग की मिलीभगत से निकाल दिए गए परंतु आज तक ना ढंग से जांच हुई ना इस पर कार्यवाही हुई तो ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कैसे लगेगा। जब शहर में जल संसाधन विभाग के निर्माण का ऐसा हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या स्थिति होती होगी समझा जा सकता है।

अधूरा एनीकट बनने के बाद ही गेट है खराब……. एनीकट का निर्माण जहां आज तक पूर्ण नहीं हो पाया वही एनीकट बनने के साथ ही इसके सभी गेट खराब थे जिस कारण पानी एनीकट के गेट बंद हो जाने के बाद भी निकलते रहते थे जो आज तक नहीं बन पाए जिसका एक बार फिर खामियाजा पूरे नगर को भुगतना पड़ेगा।

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