अंबिकापुर। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान समाजिक संस्थानों द्वारा जरूरतमंदों तक भोजन व राशन पहुंचाने पर रोक लगा दी है। प्रशासन अब स्वयं ही अपने स्तर से जरूरतमंदों तक भोजन व राशन पहुंचाने की रणनीति तैयार की है। जो विफल होता दिख रहा है। जरूरतमंदों तक राशन व भोजन समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लॉकडाउन में फंसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिला प्रशासन का मानना है कि समाजिक संगठनों द्वारा राशन व भोजन वितरण में सोशल डिस्टेंश का पालन नहीं हो पा रहा था। इस कारण प्रशासन के माध्यम से राशन के वितरण किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार के निर्णय पर प्रशासन द्वारा आनन-फानन में आदेश जारी करते हुए कुछ समाजिक संस्थानों को राशन वितरण किए जाने की अनुमति दी गई और शेष सभी को बंद कर दिया गया। सरकार के उक्त निर्णय का विरोध भी शुरू हो गया, अब जरूरतमंद तक राशन का पैकेट पहुंच भी नहीं पा रहा है। इससे कई जरूरतमंद तक प्रशासन कीपहुंच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से वे भूखे रह जा रहे हैं। लॉकडाउन के दूसरे चरण में सरकार के आदेश पर नगरीय निकाय क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा डोनेशन ऑन व्हील के माध्यम से जरूरतमंदों को राशन वितरण किया जा रहा है। इसमें निगम अमले को भी लगाया गया है। प्रशासन की इस योजना से ऐसे जरूरतमंद तक राशन तो पहुंच रहा है जोफोन कर रहे हैं, लेकिन उन तक नहीं पहुंच पा रहा है जिन्हें हकीकत में जरूरत है। जरूरतमंद द्वारा फोन किए जाने के बाद दूसरे दिन सूखा राशन पहुंचाया जा रहा है। इससे अधिकांश लोग भूखे रह जा रहे हैं। सरकार केइस आदेश का कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा विरोध भी शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने जरूरतमंद लोगों तक राशन और जरूरत के सामान पहुंचाने की व्यवस्था तो बना ली है मगर इसका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है आलम यह है कि कई इलाकों में भोजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इससे कई लोगों को बिना भोजन के ही रात गुजारनी पड़ रही है। समाज सेवी संस्था भी सरकार के इस निर्णय से संतुष्ट नहीं और जिला प्रशासन से मांग कर रहै है कि जरूरतमंद लोगों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए उन्हें अनुमति दी जाए इधर प्रशासन जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की बात कह रहा हंै। प्रशासन की इस योजना से कई भोजन फेकने वालों पर रोक लग गई है। कुछ लोग सभी समाजिक संस्थानों से राशन सामाग्री के साथ तैयार भोजन लेकर रख लेते थे।इसके बाद उसे फेक देते थे। इसपर पूर्णत: रोक लग गया है। प्रशासन द्वारा निगम के माध्यम से ऐसे परिवार जो दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स, घुमंतू, मांगकर खाने वालों को राशन उपलब्ध करायाजा रहा है।इसके लिए निगम द्वारा पूर्व में जारी न बर के अलावा दो और न बर जारी किया गया है, लेकिन इस लॉकडाउन में यह न बर उनतक कैसे पहुंचेगा, जबकि वे घर के बाहर नहंी निकल रहे हैं। इसमे 9009257180,9009915781,911126299८, 72239.62998 पर लोग फोन कर सकते हैं

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