रायपुर – प्रदेश में बुधवार को 70 नए मरीज मिले हैं। 36 की रिपोर्ट रात में और 34 की दिन में आई। इनमें दिल्ली से लौटे 8 छात्र और 2 छात्राएं भी शामिल हैं। ये सभी कोरिया के रहने वाले हैं।
एम्स के यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती एक मरीज की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई है। इसके अलावा बलौदाबाजार में 23, कोरिया में 8, बिलासपुर, मुंगेली व बलरामपुर में एक-एक मरीज मरीज मिला है। बुधवार की रात 13 मरीज और मिले थे। इस बीच देर रात महासमुंद से 13 और मरीज मिलने की सूचना आई, लेकिन सरकारी पुष्टि नहीं हुई। नए संक्रमितों के साथ प्रदेश में मरीजों की संख्या 628 पहुंच गई है। जबकि एक्टिव केस की संख्या भी 456 है। वहीं अब तक 170 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बुधवार को 40 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। लगातार मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग क्वारेंटाइन सेंटरों में सैंपलों की संख्या बढ़ा रहा है। दरअसल कोरोना से संक्रमित 90 से 95 % मरीज प्रवासी मजदूर हैं। इसलिए जांच में मजदूरों व उनके संपर्क में आए लोगों पर फोकस किया जा रहा है।
बलौदाबाजार में एक साथ 23 मरीज पहली बार मिले हैं। हालांकि मुंगेली में इससे पहले एक दिन में 30 मरीज मिल चुके हैं। बुधवार को माना से 22, जगदलपुर से तीन, अंबिकापुर से 5, बिलासपुर से 4 व रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से छह मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। महाराष्ट्र व गुजरात से अाए मजदूर लगातार संक्रमित मिल रहे हैं। दूसरी ओर एम्स में दो दिन पहले भी जनरल सर्जरी विभाग में भर्ती मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुका है। उसी दिन अंबेडकर अस्पताल व दो निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज भी कोरोना संक्रमित निकले थे। अस्पतालों में सामान्य वार्ड में भर्ती मिलने के बाद डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को क्वारेंटाइन किया जा रहा है। इसके कारण अस्पतालों को डॉक्टर समेत स्टाफ की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अंबेडकर के आइसोलेटेड वार्ड में श्रीनगर की एक महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी अस्पतालों को सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में परेशानी के अलावा ट्रेवेल हिस्ट्री के अनुसार सैंपल लेने को कहा गया है।

अस्पतालों में जितने भी संदिग्ध मरीज आ रहे हैं, उनके स्वाब का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। यही नहीं किसी की मौत होने के पहले भी सैंपल लिया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाता है। रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद प्रशासन की देखरेख में अंतिम संस्कार करने का प्रावधान है। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर परिजनों को शव देने के निर्देश हैं। अंबेडकर के अलावा निजी अस्पतालों में लगभग दर्जनभर शव रखे हुए हैं, जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है। इसके कारण परिजनों को चक्कर लगाना पड़ रहा है।

साभार -दैनिक भास्कर

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