अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के सर्जन चिकित्सक ने अपने टीम के साथ एक बालक का ऑपरेशन कर आंख में घुसे लकड़ी का टुकड़ा निकाला है। चिकित्सक ने बताया कि ७ वर्ष की उम्र में बच्चे का आंख का ऑपरेशन करना काफी कठिन था। सरगुजा संभाग के लिए यह पहला केस है। ५ दिन पूर्व खेलने के दौरान बालक के आंख में लकड़ी का टुकड़ा घुस गया था। इससे उसे दिखाई नहीं दे रहा था और दर्द से काफी परेशान था। नेत्र सर्जन ने मंगलवार को ४५ मिनट का ऑपरेशन कर उसे आंख में घुसे टुकड़े को निकाला। जानकारी के अनुसार ७ वर्षीय उमेश पैंकरा पिता धरम पैंकरा शहर से लगे खैरबार का निवासी है। शुक्रवार को खेलने के दौरान उसके आंख में लकड़ी का टुकड़ा घुस गया था। इससे उसे दिखाई नहीं दे रहा था और वह दर्द से काफी परेशान था। परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए और नेत्र रोग विभाग में दिखाया। नेत्र सर्जन डॉ. रजत टोप्पो ने उसकी आंख की पूरी जांच कराई। जांच में पाया गया कि बच्चे के आंख में लकड़ी के तीन-चार छोटे टुकड़े घुस गए हैं। आंख में गंभीर चोट लगने के कारण उसे मोतियाबिंद भी हो गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक एवं सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया के मार्गदर्शन में नेत्र सर्जन डॉ. रजत टोप्पो ने मंगलवार को बच्चे का सफल ऑपरेशन कर आंख से चार टुकड़े निकाले। ऑपरेशन के दौरान टीम में एनेस्थेटिक डॉ. रजनी, डॉ. शिवानी, नर्सिंग सिस्टर अरूणा, नेत्र सहायक अधिकारी रमेश घृतकर एवं वार्ड ब्वाय शामिल थे। यह ऑपरेशन लगभग ४५ मिनट तक चला।
मोतियाबिंद का भी होगा ऑपरेशन
नेत्र सर्जन डॉ. रजत टोप्पो ने बताया कि आंख में चोट लगने के कारण बच्चे को मोतियाबिंद भी हो गया है। फिलहाल ऑपरेशन कर आंख से लकड़ी के टुकड़े निकाल दिए गए हैं। इसके दो-तीन माह बाद बच्चे का आंख का मातियाबिंद का ऑपरेशन कर लेंस लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में उसे देखने व किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

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