बिश्रामपुर। अनपढ़ कॉलरी कर्मी को लोन दिलाने के नाम पर पहले उसके नाम से एसबीआई बिश्रामपुर शाखा से चेक बुक जारी करा बाद में अलग अलग फाइनेंस कंपनियों से चालीस लाख रुपए लोन निकाल राशि को हड़पने के मामले में कॉलरी कर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि अनपढ़ कॉलरी कर्मी रामधन पिता चमरू कंवर 56 वर्ष निवासी सुदामानगर चौकी करंजी की शिकायत पर आजाक पुलिस ने कॉलरी कर्मी होम दास दवंडे पिता स्व. हीरालाल निवासी एसईसीएल के चोपड़ा कालोनी बिश्रामपुर क्वार्टर नंबर 671 व एक अन्य महिला सीमा प्रजापति निवासी हॉटमेन कॉलोनी थाना भटगांव के खिलाफ दो माह पूर्व धारा 120 बी, 294, 420, 506 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। घटना के बाद से कुछ दिनों तक आरोपी कॉलरी कर्मी फरार चल रहा था लेकिन कुछ दिनों बाद वह पुलिसिया मिलीभगत से रोजाना ड्यूटी कर रहा था। इस दौरान उसने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन भी लगाया था, लेकिन मंगलवार को न्यायालय ने उसके अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी। जिसके बाद बुधवार अल सुबह सुरजपुर आजाक पुलिस की टीम ने उसे ड्यूटी के दौरान फिल्टर प्लांट से गिरफ्तार कर लिया है। अनपढ़ कॉलरी कर्मी से ठगी की घटना करीब तीन वर्ष पूर्व की बताई गई है। आजाक थाना सूरजपुर में दर्ज कराए गए रिपोर्ट में प्रार्थी रामधन राम पिता चमरू जो एसईसीएल बिश्रामपुर के रीजनल वर्कशॉप में टेंडल के पद पर कार्यरत है ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व उसे पैसे की आवश्यकता महसूस होने पर उसने साथी कर्मी होमदास दवंडे जो पत्नी के नाम पर एसबीआई में बतौर कमीशन एजेंट के रूप में काम भी करता है। उसके बैंक में अच्छी जान पहचान होना जान कर उसे लोन दिलाने की बात की, जिस पर होम दास तैयार हो गया। होमदास ने पहले रामधन राम के एसबीआई बिश्रामपुर के बचत खाते से चेक बुक जारी कराया और बाद में उसे अंबिकापुर व सूरजपुर स्थित अलग अलग फाइनेंस कंपनियों में ले जाकर कई दस्तावेजों में हस्ताक्षर करा लिया। लोन पास होने के बाद से हर माह उसके खाते से बड़ी मात्रा में रकम कटने से उसके खाते से रकम कम होने लगा, तब उसने अपने साथी को खाते से पैसा कटने की जानकारी दी।साथी कर्मी शिवपूजन मिश्रा उसे लेकर बिश्रामपुर बैंक पहुंचा और बैंक प्रबंधन से पैसा कटने का कारण जाना, तब पता चला कि उसके खाते से करीब चालीस लाख रुपए का लोन लिया गया है और उसी लोन का ईएमआई हर माह कट रहा है।जब रामधन को उसके खाते से चालीस लाख रुपए लोन निकलने की जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए और उसने सहकर्मी के साथ स्थानीय थाना पहुंच पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मामला अनुसूचित जनजाति वर्ग का होने से उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दे उसे आजाक थाना भेज दिया।आजाक पुलिस द्वारा आवेदन की जांच उपरांत आरोपी कॉलरी कर्मी होम दास दवंडे पिता स्व. हीरालाल 55 वर्ष निवासी चोपड़ा कॉलोनी व दूसरे आरोपी सीमा प्रजापति पिता खुलेशवर प्रजापति के खिलाफ आजाक पुलिस ने दो माह पूर्व अपराध दर्ज किया था। शिकायत में बताया गया कि प्रार्थी अनपढ़ व्यक्ति है और वह केवल किसी तरह हस्ताक्षर कर लेता है। इस बात को जान आरोपियों ने उसके खाते से चालीस लाख रुपए लोन निकाल अपने पास रख लिया।
मोटी रकम लेनदेन की चर्चा
आरोप यह भी है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्ति के अनपढ़ होने का फायदा उठा चालीस लाख की ठगी जैसे गंभीर मामले में दो माह पूर्व अपराध दर्ज होने के बावजूद आजाक पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी न कर उसे ड्यूटी करने खुली छूट दे रखी थी। खबर है कि पुलिस ने उसे अग्रिम जमानत करवाने के लिए बार बार मौके दे रही थी, लेकिन एक दिन पहले अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने पर पुलिस को उसे अंततः गिरफ्तार करना पड़ा। गंभीर मामले में पुलिस की आरोपी के प्रति दरियादिली की खूब चर्चा हो रही है। आजाक डीएसपी पीडी कुजूर ने बताया कि मामले में शामिल दूसरे महिला आरोपी की गिरफ्तारी शेष है। मुख्य आरोपी होम दास को आज गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया गया है।

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