सुअर पैर को काटकर अलग किया, लेकिन बच्ची को बचाने लगा दी जान की बाजी
बच्ची को अस्पताल से उपचार के बाद मिली छुट्टी
अंबिकापुर। जंगली सुअर के हमले से नतनिन को बचाने नानी ने जान की बाजी लगा दी। बच्ची तो बच गई लेकिन महिला की मौत हो गई। जंगली सुअर, महिला के कमर के हिस्से को बुरी तरह नोच डाला था। वहीं पैर को काटकर अलग कर दिया। वहीं जंगली सुअर ने बच्ची के कमर के हिस्से को जख्मी कर दिया था। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से उपचार के बाद रविवार की दोपहर बच्ची को छुट्टी दे दी गई है।
जानकारी के मुताबिक बलरामपुर जिले के सामरी थाना अंतर्गत ग्राम लक्ष्मणपुर नालापानी निवासी जीवंती बाई पति भोकता (35) का जंगल से लगा घर है। पांच फरवरी की शाम जीवंती चार वर्षीय नतनिन राजकुमारी के साथ पहाड़ से लकड़ी लेने गई थी। वापस आते समय घर से कुछ दूरी पर पंचपहाड़ के पास जंगली सुअर पीछे से दौड़ते आया। महिला पीछे मुड़ी तो जंगली सुअर करीब पहुंच रहा था। यह देख लकड़ी के गट्ठर को पटक वह बच्ची को झुककर अपने सीने में छिपा ली। इधर जंगली सुअर महिला के कमर के हिस्से में हमला किया और जगह-जगह मास को नोच डाला। इसके बाद भी शोर मचा रही महिला बच्ची का सुरक्षा कवच बनी रही और जंगली सुअर से संघर्ष करती रही। जंगली सुअर महिला को पटक दिया और एक पैर को काटकर अलग कर दिया। घायल महिला की चीख-पुकार सुन उसका पति पहुंचा। जंगली सुअर का आक्रामक रुख देखकर वह शोर मचाते पत्थर से सुअर पर वार किया। इधर गांव के लोग जमा होने लगे और सुअर जंगल की ओर भाग गया। घायल महिला व बच्ची को संजीवनी 108 से स्वजन कुसमी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायल दोनों को रेफर कर दिया गया। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा परिसर में रात करीब 11:15 बजे चिकित्सक ने जांच के बाद जीवंती को मृत घोषित कर दिया। जंगली सुअर ने बच्ची के कमर पर हमला किया था, जिसमें उसे चोटें आई थी। रविवार की दोपहर बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
एसडीओ वन पहुंचे अस्पताल, दी सहायता राशि-
वन परिक्षेत्र कुसमी अंतर्गत जंगली सुअर के हमले में महिला व बच्ची के घायल होने की खबर पर एसडीओ वन विजय भूषण केरकेट्टा, वन परिक्षेत्राधिकारी कुसमी कालीराम व सहयोगी राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल पहुंचे। यहां बच्ची के उपचार के लिए स्वजनों को एक हजार रुपये तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई। एसडीओ वन ने बताया कि महिला के अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये तत्कालिक सहायता राशि जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार के पहले प्रदान कर दी गई है। इसके बाद हिंसक जानवरों के हमले में होने वाले मौत का प्रकरण बना छह लाख रुपये मुआवजा राशि जल्द से जल्द प्रदान करने की पहल की जाएगी।

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