गाजीपुर में कासिमाबाद तहसील के SDM वीर बहादुर यादव का मंगलवार को सरकारी आवास में शव मिला है। बॉडी कमरे में बेड पर पड़ी हुई थी। सुबह SDM जब काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आए, तो उनके अर्दली ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिला तो वह घबरा गया। तुरंत ऑफिस के सीनियर अफसरों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर अफसर पहुंच गए।

सीनियर अफसरों ने कमरे की खिड़की का दरवाजा किसी तरह से खोला। अंदर देखा तो बेड पर वह अचेत हालत में पड़े थे। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। तुरंत डॉक्टर को मौके पर बुलाया।

पत्नी विनीता यादव भी पति के शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस गई हैं। साथ में परिवार के और लोग भी मौजूद हैं।

पत्नी विनीता यादव भी पति के शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस गई हैं। साथ में परिवार के और लोग भी मौजूद हैं।

डॉक्टर ने जांच करने के बाद SDM को मृत घोषित कर दिया। करीब 6 घंटे चली जांच पड़ताल के बाद एसडीएम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उनकी पत्नी और बच्चे मौके पर मौजूद हैं। वहीं डीएम पोस्टमॉर्टम के बाद मौत का कारण साफ होने की बात कह रही हैं।

एसडीएम वीर बहादुर यादव 2015 बैच के PPS अधिकारी थे। 2 अक्टूबर 2022 में उनका ट्रांसफर कासिमाबाद तहसील हुआ था। तब से वह यहीं पोस्टेड थे।

एसडीएम वीर बहादुर यादव 2015 बैच के PPS अधिकारी थे। 2 अक्टूबर 2022 में उनका ट्रांसफर कासिमाबाद तहसील हुआ था। तब से वह यहीं पोस्टेड थे।

SDM की मौत की सूचना मिलते ही DM, SSP मौके पर पहुंच गए। डीएम ने SDM आवास का गेट बंद कर दिया है। पुलिस कमरे की जांच कर रही है। SDM की उम्र 45 साल बताई जा रही है। वह कल रात तक पूरी तरह ठीक थे। उनको कोई दिक्कत नहीं थी। ऐसे में क्या हुआ। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस हालत में एसडीएम का शव उनके बेड पर मिला है।

इस हालत में एसडीएम का शव उनके बेड पर मिला है।

3 दिन पहले परिवार मिलकर गया था
बताया जा रहा है कि 3 दिन पहले ही SDM के परिवार के लोग उनसे मिलकर गए थे। SDM मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं। उनका परिवार लखनऊ में रहता है। वह अकेले ही कासिमाबाद तहसील में सरकारी आवास में रहते थे। सोमवार रात भी वह घर में अकेले ही थे। बाहर स्टाफ ड्यूटी पर था।

ये फोटो SDM वीर बहादुर की सोमवार की है। इसमें वो निकाय चुनाव को लेकर फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस दौरान वह पूरी तरह ठीक नजर आ रहे हैं।

ये फोटो SDM वीर बहादुर की सोमवार की है। इसमें वो निकाय चुनाव को लेकर फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस दौरान वह पूरी तरह ठीक नजर आ रहे हैं।

रात में डीएम से मीटिंग, फिर 11 बजे खाना खाया
एसडीएम के अर्दली के मुताबिक, रात में 9 बजे बहादुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र में निकाय चुनाव को लेकर फ्लैग मार्च किया था। रात 11 बजे उन्होंने डीएम के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इसके बाद रात साढ़े 11 बजे खाना खाया। कुछ देर टहलने के बाद वो कमरे में सोने चले गए थे। सुबह कमरे से उनका शव मिला। उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक लग रही थी।

एसडीएम की मौत की जानकारी पर उनके सरकारी आवास पर लोगों की भीड़ लगी हुई है।

एसडीएम की मौत की जानकारी पर उनके सरकारी आवास पर लोगों की भीड़ लगी हुई है।

2 महीने पहले मनाया था बेटी का बर्थडे
SDM वीर बहादुर यादव का परिवार लखनऊ गोमती नगर में रहता है। उनके एक बेटा और एक बेटी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने 2 महीने पहले ही बेटी का बर्थडे अपने सरकारी आवास पर मनाया था। बेटा लखनऊ के प्राइवेट कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहा है। वीर बहादुर यादव 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी थे। उन्होंने इलाहाबाद और लखनऊ से अपनी पढ़ाई पूरी की है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम की साली मौके पर पहुंची हैं। उनका परिवार भी लखनऊ से गाजीपुर पहुंच गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम की साली मौके पर पहुंची हैं। उनका परिवार भी लखनऊ से गाजीपुर पहुंच गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही गाजीपुर DM आयिका अखौरी, SP ओमवीर सिंह समेत जिले के सभी अफसर कासिमाबाद SDM आवास पर पहुंच गए। फिलहाल, इस मामले में अब अभी पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस के सभी सीनियर अफसर मौेक पर हैं। मौत की वजह क्या है? यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने भी जांच के बाद ही इस मामले में कुछ जानकारी देने की बात कही है।

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