0 गुरुवार को संक्रमितों की संख्या पहुंची 3 सौ के पार

 सूरजपुर। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। दिन प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या में हो रहा इजाफा जिले के लिए खतरे की घण्टी बनते जा रहा है तो वहीं संक्रमितों की मौत के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे है चिंता का विषय है। बेकाबू हो रही संक्रमितों की संख्या के बीच यहां के कोविड अस्पताल की अव्यवस्था का आलम यह है कि समुचित इलाज के आभाव में इसकी कीमत जान देकर चुकाया जा रहा है। जिसका प्रमाण प्रत्यक्ष देखने को मिला बुधवार को एक पिता अपने 35 वर्षीय पुत्री को प्रतापपुर से कोविड अस्पताल लाया। जहा पर रात मे उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि  प्रतापपुर के बगल के गांव में रहने वाली महिला को पेट सर दर्द होने पर उसे मंगलवार को प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया था। जहा पर कोरोना टेस्ट करने पर संक्रमित पाई गई युवती को बुधवार को जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल लाया गया। जहा पर फिर के कोविड टेस्ट के दौरान पिता को बताया गया की उसकी पुत्री को  कोरोना संक्रमण नही है लेकिन फिर भी उसकी पुत्री को कोविड अस्पताल ले जाया गया और वहा पर उसकी तबियत लगातार खराब रहने पर वह रो रोकर मदद के लिये अस्पताल परिसर मे गुहार लगाता रहा।. उसे मालुम था कि कोविड अस्पताल में मेरी बेटी ठीक नही है उसकी मौत हो सकती है। इसलिये वह अपनी बेटी को अपने साथ अनरोखा ले जाने की हर किसी से फरियाद करते रहा। इस दौरान रात को नौ बजे उसकी बेटी की अंततः मौत हो गई। मृतिका की 5 व 8 साल की दो पुत्री है। मृतिका के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुये बताया कि उसकी पुत्री तीन दिनों से खाना नही खा रही थी जिससे उसे कमजोरी के साथ चक्कर आ रहा था। उसकी तबियत कोवडि अस्पताल में ज्यादा खराब हो गई थी जिससे ईलाज के अभाव में मौत हो गई। इधर दूसरी ओर बताया गया है कि सूरजपुर की एक 62 वर्षीय महिला की भी गुरुवार को अम्बिकापुर के कोविड अस्पताल में मौत हो गई है।
0 15 दिनो में 8 मौते
जिले में एक अप्रैल से लेकर अब तक आठ लोगो की संक्रमण से मौत हो चुकी है। अब तक कोरोना से होने वाली मौतो का आकडा 67 पहुंच गया है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन के द्वारा संक्रमितों के समुचित उपचार हेतु  व्यव्स्थाओ में कोई सुधार नही हुआ है जो चिंताजनक है |

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