अंबिकापुर. राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिवरपुर में कोरोना काल से अब तक 3 लाख आरटीपीसीआर टेस्ट करने का रिकार्ड बनाया है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस ङ्क्षसहदेव के मार्गदर्शन में स्थापित आरटीपीसीआर लैब में रविवार को इस कामयाबी को अधिष्ठाता डॉ रमन मूर्ति सहित अन्य स्टॉफ ने केके काट कर  सेलिब्रेट किया। अधिष्ठाता मेरोलॉजी टीम को शुभकामनायं देते हुए कहा कि संक्रमण काल में उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक बायरस से संबंधित मरीजों की जांच कर कठिन मेहनत की। जिसके परिणामस्वरूप राजमाता देवेन्द्र कुमारी संदेश कित्सा विद्यालय अम्बिकापुर ने इस मुकाम हासिल किया है। कोरोना वायरस का संक्रमण वर्ष 20२0 में दुनिया भर के साथ ही देश में तेजी से फैल था। प्रदेश में रायपुर में कोरोना की जांच हो रही थी। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अगस्त 20२० में राजमाता  देवेन्द्र कुमारी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर सरगुजा में वायरोलॉजी लैब शुरू किया गया और 3 अगस्त से आरटीपीसीआर जांच के लिए सेंटर शुरू किया गया। तब से लेकर आज तक वायरोलॉजी की टीम लगातार लगन व मेहत के साथ अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। वर्तमान में 3 लाख लोगों का जांच करने का रिकार्ड बना है। इस पर सोमवार को राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर में सेलिब्रेशन में डीन डॉ. रमनेश मूर्ति, डॉ. आरसी आर्या विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी, डॉ. उमा कुमार विभागाध्यक्ष एम्स नई दिल्ली, डॉ. ओबलेसु, अरविन्द एवं कर्मचारी, टेक्निशियन, चिकित्सालय कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान स्टॉफ के साथ उन्होंने इस सफलता को सेलिब्रेट किया। सम्बोधन करते हुए डॉ. रमनेश मूर्ति ने कहा कि कई कार्य टीम  भावना के साथ ही करने में सफल होता है। वापरोलॉजी टीम ने संकट के दौर में हिम्मत के साथ व जज्बे के साथ जान जोखिम में डालकर काम किया है। जिसके चलते आज उनके साथ कॉलेज प्रबंधन गर्व महसूस कर रहा है। वायरोलाजी के लिए राज्य शासन द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद में वायरोलॉजी लैब काफी कम समय में तैयार करना काफी बड़ी चुनौती थी। जिस भवन में संचालित है वह काफी सीलन भरा था  लैब  के लिए 18 मई 20२0 को ड्राइम तैयार करके भेजा गया जिसे एम्स ने एप्रूवल दे दिया। 22 मई को अनुमोदन मिला। लैब तैयार होने पर आईसीएमआसर को रिपोर्ट भेजी गई और फिर की स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि 3 अगस्त २०२० को टेस्ट के लिए किट मिला तो उत्साह के साथ पहुंच कर 20 सैम्पल की जांच की गई थी। रक्षाबंधन पंधन के पावन अवसर पर रात 12 बजे पहला रिजल्ट आया तो कफी खुशी हुई थी। सूरजपुर-बलरामपुर के टेक्निशियन ने आकर संकटकाल में काम करने वाले एवं शिक्षा विभाग के शिक्षकों के रिपोटिंग कार्य की सराहना की। उन्होंने वायरीलानी टीम को सम्बोधन करते हुए कहा कि महामारी के दौरान काम करना एक बड़ी चुनीती थी, लेकिन उनकी टीम ने लगातार मेहनत से यह सफलता हासिल की है। जिसके फलस्वरूपाय हम ३ लाख आटीपीसीआर करने का लक्ष्य तक पहुंच सके हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इस विभाग को राज्य के पहले कोरोना वायरस  सौंपलिंग का अवसर प्राप्त हुआ था एवं हम सभी इस उपलब्धि पर अत्यंत गौरवान्वित एवं महसूस कर रहे हैं।

मेडिकल पढ़ाई की कठिन चुनौतिडॉ. उमा कुमार प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष रुमेटोलॉजी विभाग एम्स नई दिल्ली का सोमवार को राजमाता  देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय अम्बिकापुर सरगुजा आगमन पर अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी डॉ. रमणेश मूर्ति एवं अन्य प्राध्यापकों ने बायरोलॉजी लैब में उनका अभिनंदन किया। 3 लाख आरटीपीसीआर टेस्टंग होने के अवसर पर आयोजित इस रंगा-रंग कार्यक्रम के उपरांत मेडिसीन सभागार में डॉ. कुमार ने सारगर्भित व्याख्यान में मेडिकल पढ़ाई की कठिन चुनौतियों, समाज की चिकित्सकों से अपेक्षायें, कोविड ईलाज उपरांत मरीजों को हो रही समस्याओं से निदान, नवीन रिसर्च सहित अपना आत्म विश्वास बनाये रखने एवं अपने नॉलेज को अद्यतन रखने की आवश्यकता प्रतिपादित की। इस संस्थान के छात्रों की ज्ञान कौशल, इन्र्टन व अन्य छात्रों द्वारा प्रदेश के प्रथम स्किल लैब का कौशल विकास हेतु उपयोग और 15 विषयों में 48 एमडी, एमएस सीट हेतु प्रयासो की डॉ. उमा कुमार ने काफी सराहना की तथा छात्रों को उज्जवल भविष्य हेतू शुभकामनाएँ दी।डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता ने प्रोफेसर उमा कुमार को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदाय कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष, फैकल्टी, मेडिकल छात्र, नर्सिंग छात्राएँ भारी संख्या में उपस्थित रहें।

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