अंबिकापुर। कोरोना रोकथाम के दौरान लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही जो जहां है वहीं थम गया था। कोटा राजस्थान में जिले के सैकड़ो बच्चे कोचिंग व अध्ययन के लिए गए हुए थे, जहां वे लॉकडाउन के समय अटक गए थे, जिसे लेकर अभिभावकों ने चिंता जाहिर करते हुए प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई थी। सरकार के निर्देश पर प्रशासन ऐसे बच्चों को वापस लाने के लिए कवायदें तेज कर दी हैऔर अभिभावकों से छात्र-छात्राओं के संबंध में आवेदन लेना शुरू कर दिया हैराजस्थान के कोटा में सैकड़ों की सं या में जिले के छात्र-छात्राएं कोचिंग व अध्ययन के लिए गए हुए थे। लॉकडाउन की घोषणा के बाद सभी छात्र-छात्राएं वहीं फंस गए थे।इसे लेकर कुछ दिनोंपूर्व बच्चों के अभिभावकों ने चिंता जाहिर करते हुए प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई थी। कोटा में पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिले के भी छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, सभी ने सरकार से उन्हें वापस लाने के लिए गुहार लगाई थी। सरकार ने भी इसपर चिंता जाहिर करते हुए केंद्रीय गृहमंत्रालय से चर्चा कर निर्णय लेने की बात कही थी। मु यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी इसे लेकर सभी बच्चों के अभिभावकों को आवेदन देने को कहा था। प्रशासन द्वारा अभिभावकों से स्थानीय स्तर पर आवेदन लेना शुरू कर दिया है।अब तक प्रशासन के समक्ष १७९ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने आवेदन जमा कर चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन द्वारा जब इन छात्रों को वापस लाया जाएगा तो उन्हें सरकार के निर्देशानुसार पूरा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें नियमानुसार १४ दिनों तक होम आइसोलेसेंशन या फिर क्वारटाइन किया जाएगा।

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