विगत कई वर्षों से देखा गया है कि कैंसर के संदर्भ में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसके आधुनिक इलाज के तरीकों तरीकों और कैंसर के व्यापक क्षेत्र के बारे में जानकारी लोगों में अभी पहुंचने की जरूरत है कैंसर के बारे में आंकड़े बेशक चिंताजनक है और पेट के कैंसर के आंकड़े भारत में 3 से 12 केसेस प्रति एक लाख है साथ ही इसकी शुरुआती लक्षण जैसे जी मचलाना,पेट में दर्द होना, काले रंग का मल आना आदि पेट से संबंधित अन्य आम समस्याओं के होने का भ्रम भी पैदा कर सकती है इसलिए नवंबर के स्टमक एंड पेंक्रियाटिक कैंसर जागरूकता माह को ध्यान में रखते हुए एनएच एमएमआई नारायण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने अपने स्टमक कैंसर और पेंक्रियाटिक कैंसर के साथ मिलकर इस विषय पर विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए जागरूकता फैलाने का कदम उठाया है जहां सर्वाइवर्स ने अपने सफल इलाज और उसके बाद की जिंदगी की कहानी सांझा की वही डॉक्टर मऊ राय, डॉक्टर सिद्धार्थ तुरकर और डॉक्टर पीयूष शुक्ला एनएच एमएम आई नारायण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रायपुर ने शुरुआती जांच और सही समय पर इलाज शुरू कर देने देने की जरूरत पर अपने विचार प्रकट किए
मरीजों ने अपने सफल इलाज के बारे में बताया के बारे में बताया और एनएच एमएमआई नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के प्रति धन्यवाद प्रकट किया जिनके जरिए उन्हें वापस बेहतर जिंदगी जीने का मौका मिला, इसमें सबसे गंभीर केस माधुरी का था वे एनएच एम एमआई स्टेज 3 स्टमक कैंसर के साथ आई थी उनके सर्जरी समेत कीमोथेरेपी के 4 साइकल्स हुए हुए फिर अजुवेंट कीमोथेरेपी के 4 साइकल्स हुए, बेशक यह केस जटिल था पर नारायणा सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में इलाज के बाद नियमित रूप से फॉलोअप पर हैं और बीते 1 वर्ष से बेहतर स्थिति में है एक अन्य मरीज सरस्वती को सीमा ने भी अपने स्टेज 3 स्टमक कैंसर के बारे में साझा किया 14 साल पहले उनकी पेट की सर्जरी के साथ-साथ 6 साइकल्स कीमोथेरेपी के भी हुए अब के एकदम सामान्य जिंदगी जी रही हैं एक अन्य मरीज सामान्य जिंदगी जी रही हैं। एक अन्य मरीज सुखजनी की इस वर्ष लॉकडाउन से पहले व्हिपल सर्जरी हुई अब वे बीते 9 माह से पूरी तरह ठीक है। रामा की भी पेंक्रियाटिक कैंसर के लिए की जाने वाली सर्जरी व्हिप्ल्स पैन्क्रियाटाइटिको डुओनेकटामी करीब डेढ़ साल पहले की गई थी अब बिल्कुल ठीक है।
डॉक्टर मऊ रॉय कंसलटेंट सर्जिकल आंकोलॉजी एमएमआई नारायणा सुपर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रायपुर ने कहा कि कैंसर के लक्षणों के बारे में जागरूकता मरीजों के लिए बेहद जरूरी है अगर मरीज में मिलने वाले लक्षण पेनक्रिएटिक कैंसर और डायग्नोसिस की जरूरत की ओर इशारा करते हैं तो उन्हें तुरंत प्रोटोकॉल बेस्ट ट्रीटमेंट के लिए मल्टी स्पेशलिटी कैंसर टीम से डायग्नोसिस और इलाज के लिए संपर्क करना चाहिए जिसमें रेडिकल सर्जरी कीमो थेरेपी और रेडिएशन आदि शामिल है ताकि बचाव के बेहतर परिणाम सुरक्षित हो
जिन मरीजों ने अपने इलाज और इलाज के बाद के अनुभव साझा किए वह निश्चित रूप से इस बात का उदाहरण है कि कैंसर पूरी तरह से ठीक हो सकता है और मरीज वापस सामान्य जिंदगी में भी लौट सकते हैं भारत में इलाज के तरीकों में भी बहुत आधुनिकता आई है और पश्चिम देशों के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध है लेकिन फिर भी मृत्यु दर बहुत ज्यादा है जिसका मुख्य कारण सही समय पर डायग्नोसिस और इलाज शुरु ना होना है।
वही डॉ अनुपम महापात्रा ने कहा कि जल्दी लक्ष्मण की पहचान करना बेहद जरूरी है पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द काले मल का आना पेट में असहनीय दर्द आदि जैसे लक्षणों को कभी नजर अंदाज ना करें धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें और अपने वजन को नियंत्रण में रखें क्योंकि मोटापा भी स्टमक कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
श्री नवीन शर्मा फैसिलिटी डायरेक्टर एनएच एमएमआई नारायणा सुपर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रायपुर ने कहा कि हमारा अस्पताल आंकोलॉजी का व्यापक सुपर स्पेशलिटी केंद्र है जिसमें स्टमक और पैंक्रियाटिक कैंसर के लिए एडवांस डायग्नोस्टिक फैसिलिटी के साथ डिपार्टमेंट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपलब्ध है वही डॉक्टर आलोक कुमार स्वाइन मेडिकल डायरेक्टर एनएच एमएमआई रायपुर ने और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि जो सुविधाएं हमारे कैंसर डिपार्टमेंट की ओर से प्रदान की जा रही है उन्हें हमारे सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं की सहायता से हम लोगों को और भी अधिक और अच्छे विकल्प प्रदान कर सकते हैं जैसे कि कैंसर की मैपिंग के लिए एंडोस्कोपी बायोप्सी और कैंसर के शुरुआती दौर में इलाज कैंसर की स्टेजिंग के लिये अल्ट्रासाउंड ऑपरेशन के बाद आईसीयू बैकअप साथ मेजर कैंसर सर्जरी के लिए हाईटेक ऑपरेशन थिएटर एक छत के नीचे कीमोथेरेपी और रेडिएशन की फैसिलिटी है।

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