केंद्रीय बजट आम जनता के साथ छल : पूनम सिंह

महंगाई, बेरोजगारी और किसानों को राहत देने में विफल रहा बजट

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। केंद्रीय बजट को लेकर कांग्रेस नेत्री पूनम सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आम जनता की उम्मीदों के विपरीत और निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में देश के गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है, जिससे यह बजट जनविरोधी बन गया है। पूनम सिंह ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन बजट में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण को लेकर कोई प्रभावी नीति सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों से जूझ रही आम जनता को बजट से राहत की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। कांग्रेस नेत्री ने कहा कि बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है लेकिन बजट में युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न किए जाने से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक प्रावधानों का भी अभाव है।
पूनम सिंह ने यह भी कहा कि बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर घोषणाएं केवल औपचारिकता तक सीमित हैं। छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के करदाताओं को भी बजट से कोई विशेष राहत नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट वर्ग को प्राथमिकता देते हुए आम जनता के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी बजट का विरोध करती है और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने यह भी कहा है कि कृषि क्षेत्र को पर्याप्त समर्थन नहीं है l MSP को कानूनी दर्जा देने या सभी फसलों पर प्रभावी MSP लागू करने को लेकर बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे किसानों में भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी हुई है। किसान कर्ज़ के बोझ से दबे हुए हैं, लेकिन बजट में ऋण माफी या ब्याज दरों में बड़ी राहत का प्रावधान नहीं किया गया। अंत में पूनम सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि बजट में संशोधन कर महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन, किसानों की सुरक्षा और आम जनता को राहत देने वाले प्रावधान जोड़े जाएं, ताकि देश की जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।

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