अम्बिकेश गुप्ता/कुसमी। एक युवक ने पेट्रोल पंप परिसर में बॉटल में रखे एसिड को पानी समझकर गटक गया। जब स्वाद अटपटा लगा तो उसकी समझ में आया कि वह कुछ और पी गया है। जब उसकी तबियत खराब होने लगी तो उसे घर भेज दिया गया। घर पर उसे खून की उल्टियां होने लगीं।

बिगड़ते हालातों को देख परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, यहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देख मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिलने पर निजी वाहन से उसे ले जाया गया।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी के थानपारा निवासी 40 वर्षीय कमलेश्वर राम अगरिया उर्फ डेमलो पिता बाड़ो राम हमाली मजदूरी का काम करता है। वह मंगलवार की सुबह को अन्य मजदूरों के साथ गुप्ता कृषि सेवा केंद्र कुसमी के गोदाम से कुसमी निवासी दिनेश मिस्त्री के पिकअप में खाद लोड कर डीपाडीह क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में किसी किसान के यहां पहुंचाने निकला था।


इसी बीच कुसमी से लगे ग्राम सेमरा स्थित एक पेट्रोल पंप पर चालक पिकअप में डीजल भरवाने लगा, तभी कमलेश्वर को प्यास लगी तो वह वाहन से नीचे उतर कर पानी ढूंढने लगा। इस दौरान पेट्रोल पंप परिसर में बॉटल दिखा, उसमें बैटरी एसिड रखा हुआ था, कमलेश्वर ने उसे पानी समझकर 2 घूंट पी लिया।
घर पहुंचा तो होने लगी खून की उल्टियां
बॉटल में रखे पानी का स्वाद जब उसे अलग लगा, तब गलती का एहसास हुआ। बताया जा रहा है कि उसमें एसिड था। एसिड के असर से देखते ही देखते उसकी तबियत बिगडऩे लगी तो उसे अस्पताल पहुंचाने की बजाय घर भेज दिया गया। जब वह घर पहुंचा तो उसे खून की उल्टियां होने लगीं।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल किया गया रेफर
खून की उल्टियां होता देख परिजन उसे तत्काल कुसमी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर रेफर कर दिया। इधर कुसमी अस्पताल से एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से परिजन उसे निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए।

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