बुधवार को था बच्चे का जन्मदिन, पत्नी और बच्चे के साथ मंदिर से वापस लौटने के बाद जा रहा था पालीटेक्निक कॉलेज
बुधवार को देर रात पत्नी से मोबाइल में अनजान नंबर से किया बात, कहा-बहुत मुसीबत में हूं


अंबिकापुर। पुत्र के जन्मदिन पर मंदिर से सपरिवार घर लौटा पालीटेक्रिक कॉलेज में पदस्थ लिपिक दोपहर में अपने कार्यस्थल जाने के लिए घर में बोलकर निकला, इसके बाद वापस नहीं लौटा। देर रात लिपिक की पत्नी के पास अनजान नंबर से फोन आया, बात करने वाला उसका पति था, जिसने धीमे लहजे में बहुत मुसीबत में हूं कहा, इसके बाद ऐसा लगा किसी ने फोन छीनकर काट दिया हो। घटना बुधवार की है, लिपिक का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। जिस अनजान नंबर से फोन आया था, उसमें गुरूवार की सुबह तक कॉल जा रहा था। बाद में उक्त मोबाइल नंबर आउट आफ कवरेज बताने लगा। ऐसे में लिपिक के स्वजन अपहरण का अंदेशा जता रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक पालीटेक्रिक कॉलेज में पदस्थ कुंदन राम का पुत्र मानवेंद्र राजवाड़े 32 वर्ष सत्तीापारा में कैलाश मोड़ के पास स्थित ससुराल में रहता है और पालीटेक्रिक कॉलेज में ही लिपिक के पद पर काम करता है। बुधवार को उसके दो वर्षीय पुत्र का जन्मदिन था। मानवेंद्र अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर मोटरसाइकिल से मंदिर गया था, यहां से पूजा-पाठ करने के बाद वापस घर आया और दोपहर लगभग 12 बजे काम पर जाने के लिए पालीटेक्रिक कॉलेज निकला, इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। देर रात उसकी पत्नी के पास अनजान नंबर से एक काल आया। पत्नी फोन उठाई तो उसके पति का दबा हुआ स्वर सुनाई दिया। इस दौरान मानवेंद्र ने अंबिकापुर में ही हूं, बहुत मुसीबत में हूं कहा, इसके बाद फोन किसी ने काट दिया। उक्त नंबर पर बात करने की वह काफी कोशिश की लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। सुबह तक उक्त मोबाइल नंबर पर फोन जा रहा था, जो बाद में स्विच ऑफ बताने लगा। मानवेंद्र का मोबाइल नंबर भी स्विच आफ बता रहा है। इसकी जानकारी लिपिक के पिता सहित अन्य स्वजनों को मिली और उन्होंने खोजबीन की कोशिश की लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को भी दी गई है, जिस पर पुलिस गुम इंसान कायम कर अपने स्तर पर लिपिक के तलाश में लगी है। स्वजनों का कहना है कि लिपिक जिस लहजे में बात कर रहा था, उससे वे भयभीत हैं और अपहरण का अंदेशा जता रहे हैं। स्वजन अपने स्तर पर उसकी तलाश में लगे हैं। समाचार लिखे जाने तक लिपिक का पता नहीं चल पाया है।


कुछ दिन पहले हुई थी मारपीट-
स्वजनों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह पहले मानवेंद्र की नमनाकला में मुर्गा दुकान के पास वहीं के एक व्यक्ति से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, इसके बाद मारपीट की स्थिति बन गई थी। ऐसे में स्वजन सुनियोजित तरीके से बलपूर्वक अपहरण का अंदेशा जता रहे हैं।

गायब लिपिक का मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है। वहीं जिस मोबाइल नंबर से बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात लिपिक की पत्नी के पास कॉल आया था, वह नंबर कोलकाता का होना सामने आया है। अभी तक लिपिक का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विजय प्रताप सिंह
कोतवाली प्रभारी

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