सुनील दास

लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हों, राजनीतिक दल हर कीमत पर चुनाव जीतना चाहते हैं, इसके लिए वह किसी भी स्तर तक जाने से नहीं हिचकते हैं। सोशल मीडिया का जमाना है तो फेक वीडियों के जरिए अपनी बात को सही साबित करने का प्रयास कई राजनीतिक दल करते हैं।ऐसा करते हुए वह भूल जाते हैं कि फेक वीडियों का पता आजकल आसानी से लगाया जा सकता है, क्या छेड़छाड़ की गई है, इसका पता भी कुछ ही घंटों में लगाया जा सकता है।

इसके बाद भी कांग्रेस नेताओं ने गृहमंत्री अमित शाह का फेक वीडियो जारी करने का लोभ नहीं छोड़ सके। कांग्रेस लोकसभा चुनाव में इस बात का खूब प्रचार कर रही है कि भाजपा सत्ता मे आई तो वह आरक्षण समाप्त कर देगी।अपनी बात को सही बताने के लिए कांग्रेस नेताओंएक ऐसा फेक वीडियो जारी किया है जिसमें अमित शाह को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि उनकी सरकार आई तो वह आरक्षण समाप्त कर देंगे। जबकि असली वीडियों में वह कह रहे है असंवैधानिक मुस्लिम आरक्षण को समाप्त किया जाएगा।

असली वीडियों से असंवैधानिक मुस्लिम दो शब्द हटा दिया गया है,इससे ऐसा लगता है कि अमित शाह आरक्षण हटा देने की बात कह रहे हैं।यह पुराना वीडियों है,इस वीडियों का एडिट कर ऐसा बना दिया है ताकि कांग्रेस जो कह रही है कि भाजपा सत्ता मेें आई तो देश से आरक्षण को समाप्त कर दिया जाएगा, उसे सुनकर जनता सच मान ले कि भाजपा ऐसा करने वाली है।

कांग्रेस नेताओं ने फेक वीडियों का उपयोग अपने फैलाए जा रहे झूठ को सही साबित करने के लिए वायरल किया है। यह अपराध है, क्योंकि किसी ने जो कहा नहीं है,उसके नाम से फैलाया नहीं जा सकता। सोशल मीडिया का दुरुपयोग तो पहले भी लोग किया करते थे, अब तो एआई व डीप फेक का उपयोग कर किसी का भी फेक वीडियों बनाया जा सकता है,उसन जो कहा नहीं वह कहते हुए दिखाया जा सकता है।जो किया नहीं उसे करते हुए दिखाया जा सकता है।

सवाल उठता है कि कांग्रेस को जब मालूम था कि उसके नेताओं के जारी किए फेक वीडियो की पोल कुछ ही घंटों में खुल जानी है, उसके बाद भी यह वीडियों जारी क्यों किया गया। इसकी एक वजह तो यह हो सकती है कि इस फेक वीडियों के जरिए भाजपा को चुनाव में नुकसान पहुंचाने की मंशा थी यानी इस वीडियों को देखकर लोग भाजपा को वोट न दे तथा जनता को यह संदेश दिया जा सके कि कांग्रेस जो कह रही है, वह सच कह रही है।हकीकत में कांग्रेस जानती है कि इस बार तो वह चुनाव जीतकर अपनी सरकार बना नहीं सकती, इसलिए वह ऐस हथकंडे अरना कर भाजपा की सीटें कम करना चाहती हैं ताकि भाजपा ऐतिहासिक रूप से न जीत सके। यानी कांग्रेस यह सब इसलिए कर रही है कि भाजपा को ३७० व एनडीए को ४०० प्लस न मिल सके।

कांग्रेस नेताओं ने यह वीडियो जारी कर अपराध किया है, इसलिए कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, तेलंगाना का सीएम को इस मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने सही कहा है कि कांग्रेस नेताओं में हार की हताशा साफ दिख रही है।यही वजह है कि वह अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत की गई है।चुनाव आयोग को अमित शाह के फेक वीडियों के मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि फिर कोई नेता इस तरह किसी नेता का फेक वीडियों जारी करने की हिम्मत न करे। साथ ही भाजाप सरकार को भी इस मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम देने  से पहल सौ बार सोचे।

 

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