24 घंटे ड्यूटी में जूझ रहे कर्मचारियों व हाथी मित्र दल का मनोबल बढ़ाया

प्रतापपुर। सूरजपुर जिले में जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है। आए दिन जंगली हाथी फसल हानि, घर तोडऩे जैसी घटनाएं कर रहे हैं। इन सबके बीच वन विभाग के छोटे कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। कुछ दिन पहले दबे जुबां कर्मचारियों की 24 घंटे हाथी प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान मानसिक स्थिति बिगडऩे की व्यथा सामने आई थी। छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद सूरजपुर वनमंडल के वनमंडलाधिकारी संजय यादव, उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष भगत, वन परिक्षेत्र अधिकारी विनय टंडन अपनी टीम के साथ हाथी प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे हाथी मित्र दल व वन विभाग के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने टुकुडांड, सिघरा, दलदली देर रात 12 बजे पहुंचे। कर्मचारियों से मुलाकात कर ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों और हाथी मित्र दल के लोगों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि यह हमारी ड्यूटी है। हमारा उद्देश्य जनहानि को रोकना और हाथियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजना है। ग्रामीण रात के समय बाहर ना निकलें, शराब वगैरह पीकर ना चलें, घरों में शराब ना बनाएं, इस उद्देश्य को सार्थक कर ही हम ग्रामीणों के जान-माल की सुरक्षा कर सकते हैं।


हाथी मित्र दल भी इंसान
उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष भगत ने कहा कि हाथी मित्र दल और हमारे कर्मचारी भी इंसान हैं। कुछ जगहों पर ग्रामीण शराब पीकर इनके साथ हुज्जतबाजी करते हैं। कई बार तो गाली-गलौज की स्थिति निर्मित कर देते हैं। इनका प्रयास रहता है कि क्षेत्र में हाथी की समस्या ना हो, जनहानि ना हो। सीमित संसाधन में वे लगातार काम कर रहे हैं।


समय पर तैयार हो मुआवजा प्रकरण
वन मंडलाधिकारी संजय यादव ने चर्चा के दौरान कहा कि हाथी मित्र दल व वन विभाग के कर्मचारियों को मनोबल बढ़ाने वे स्वयं हाथी प्रभावित गांव में रात में गश्त पर निकले। कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि फसल हानि होने पर तत्काल मुआवजा प्रकरण बना वरिष्ठ कार्यालय को भेजें। हाथी की समस्या एक दिन की नहीं है, यह निरंतर होती रहती है। हमारा प्रयास है कि फसल हानि पर किसानों को उचित मुआवजा तत्काल उपलब्ध हो व क्षेत्र में जनहानि की शिकायत ना आए।

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