महाप्रबंधक की कार्यशैली पर उठे सवाल, विभागीय सांठगांठ से चल रहे क्रियाकलाप का पर्दाफास कर सकती हैं जांच एजेंसी

भटगांव। एसईसीएल भटगांव क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं होना और ट्रांसफर होने के बाद रूक जाना सवालों के घेरे में है। लंबे समय से एक ही जगह अधिकारी कुंडली मारे बैठे हैं। दो-दो बार ट्रांसफर होने के बावजूद अधिकारी भटगांव एसईसीएल क्षेत्र को अधिकारी क्यों नहीं छोड़ना चाहते हैं, यह लोगों के जुबां पर रच-बस गया है।
एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के सेल्स विभाग में कार्यरत अधिकारी कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। भटगांव क्षेत्र से इनका लगाव कुछ ऐसा है कि विगत दो वर्षों में कई बार अन्य क्षेत्रों के लिए स्थानान्तरण होने के बाद भी ये अंगद के पांव की तरह जमे हुए हैं। चर्चा इस बात की है कि एसईसीएल मुख्यालय में अधिकारियों को खुश करके ये वापस उसी विभाग में कुंडली मार लेते हैं। दबे जुबां लोगों का कहना है कि काली कमाई का अखाड़ा सेल्स विभाग को इन्होंने बना रखा है। जांच एजेंसियां भी भटगांव एसईसीएल क्षेत्र में डटे अधिकारियों का सुध लेने की कोशिश कभी नहीं की, ताकि इनके यहां डटे रहने के बीच चल रही करतूत का पर्दाफास हो सके। बात सिर्फ सेल्स विभाग की नहीं है, इनके अलावा महान-3 परियोजना के आउट सोर्सिंग कंपनी चेन्नई राधा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का प्रभार भी लेकर ऐसे जिम्मेदार बैठे हुए हैं। अब ऐसे मलाईदार विभाग को छोड़कर कोई क्यों जाना चाहेगा, इसीलिए पूरा दम झोंककर ट्रांसफर रूकवाने में ये माहिर हैं।

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