मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का उड़नखटोला गुरुवार को दोपहर 12 बजे के आसपास एमसीबी जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र भरतपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुंवारपुर के माथमौर स्कूल के मैदान में उतरा। जहां पर ग्रामीणों ने फूल माला से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण जन काफी खुश हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से हालचाल पूंछा और शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली तथा सुशासन तिहार मनाने को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान की ।कुंवारपुर माथपौर जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जब गाँव के ऊपर मंडराने लगा, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मैदान की ओर दौड़ पड़े। पारंपरिक तरीके से ग्रामीणों ने प्रदेश के मुखिया का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे संवाद में जुट गए, उनका हालचाल जाना और शासन की विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को डेढ़ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और इन डेढ़ वर्षों में शासन की योजनाओं से आमजन को कितना लाभ मिला है, इसे जानने के लिए वे यह सुशासन तिहार मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सुशासन तिहार तीन चरणों में मनाया जा रहा है। पहला चरण 8 अप्रैल से, दूसरा चरण 12 अप्रैल से एवं तीसरा चरण 5 अप्रैल से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की चौपाल में ग्रामीणों ने आवास और शौचालय से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का ज़िक्र करते हुए ग्रामीणों से पूंछा कि क्या उन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा है। कुछ ग्रामीणों ने जानकारी दी कि उन्हें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है, लेकिन महतारी वंदन का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर भी संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से कुछ परिवारों ने मंदिर निर्माण, तो कुछ ने बेटियों के नाम पर खाते खुलवा कर उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की है यह योजना केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन रही है। करीब 1 घंटे तक मुख्यमंत्री गांव में उपस्थित रहकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। तत्पश्चात उनका उड़नखटोला अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया।

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