अम्बिकापुर :- सरगुजा एग्री इन्पुट डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आज जिले के अध्यक्ष समीर अग्रवाल के नेतृत्व मे उपसंचालक “कृषि” से मुलाकात कर विगत दिनो मे राजस्व विभाग द्वारा की जा रही छापामार कार्यवाही पर असंतोष जाहिर करते हुये ज्ञापन सौप कर की जा रही कार्यवाही को रोकने हेतु निवेदन किया।

सरगुजा एग्री इन्पुट डीलर्स एसोसिएशन द्वारा उपसंचालक “कृषि” को सौपे गये ज्ञापन मे बताया कि हम सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा निर्देशित एवं NIC के नियमो के तहत ही उर्वरक का व्यवसाय संचालित किया जा रहा हैं एवं MFMS के नियमों का पालन किया जा रहा है। किन्तु राजस्व विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान NIC द्वारा जारी दिशानिर्देशो को दरकिनार कर नियमो के पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है। जो अनुचित है और इसके अभाव मे कम्पनीयो द्वारा डीलरो को प्रदान किये गये उर्वरक की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा पास नही की जायेगी।

उर्वरक विक्रेताओं द्वारा बताया गया कि राजस्व अधिकारियों द्वारा मैन्यूअल स्टॉक मेन्टेन करने,प्रत्येक किसान को सिर्फ दो बोरा ही उर्वरक प्रदान करने,सरगुजा जिले से बाहर के किसानो‌ को उर्वरक नही देने,प्रतिदिन उर्वरक कय्र विक्रय की जानकारी भेजने,सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक विक्रय करने के साथ साथ अन्य निर्देश जारी किये गये है जो अव्यावहारिक है एवं उनका पालन करना संभव नही है।

उर्वरक विक्रेताओं द्वारा सौपे गये ज्ञापन मे बताया गया कि उर्वरक क्रय विक्रय की समस्त जानकारी शासन की आनलाइन एजेंसी के पोर्टल पर अपलोड होती हैं जो कोई भी देख सकता है एवं शासन की एजेंसी द्वारा एक किसान को अधिकतम पचास बोरी उर्वरक प्रदान करने की सीमा तय की गयी है,केन्द्र सरकार द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार किसी भी जगह का किसान देश के किसी भी कोने के उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक क्रय कर सकता हैं साथ ही थोक उर्वरक विक्रेता किसी भी जिले मे उर्वरक विक्रय कर सकता है,साथ ही प्रतिदिन स्टाक रिपोर्ट भेजना भी संभव नही हैं क्योंकि हम उर्वरक विक्रेता पहले ही लाकडाउन, एवं रेट घटने के नुकसान से परेशान है क्योंकि कम्पनियों द्वारा अभी तक घटे दर के अंतर की राशि ना ही डीलरो को वापस की गयी हैं और ना ही इसके सम्बन्ध मे अभी तक कोई निर्णय दिया गया हैं जिससे हम सभी को लाखो का नुकसान हुआ है और राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशो के पालन के लिये हमे अलग से कर्मचारी रखने पडेंगे जिससे हमलोगो को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा जो असम्भव है।

सरगुजा एग्री इन्पुट डीलर्स एसोसिएशन द्वारा उपसंचालक “कृषि को सौपे गये ज्ञापन मे मांग की गयी हैं कि राजस्व अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही पर रोक लगे एवं उनके द्वारा जारी नियमो को शिथिल किया जाये इसके अभाव मे व्यवसाय करना संभव नही होगा और हम थोक उर्वरक विक्रेता अपना व्यवसाय बन्द करने मजबूर होंगे,एवं आगामी खरीफ सीजन मे किसानो को उर्वरक की कमी से जूझना पड सकता हैं। जिसकी जवाबदेही विभाग की होगी।

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