रामानुजनगर। विकासखण्ड के हायर सेकेंडरी स्कूल परशुरामपुर परिक्षा केंद्र में हुए कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा का  बोर्ड द्वारा सामूहिक नकल मानकर रोके गए परिणाम को खबर प्रकाशित होने के बाद 9 जून को परिणाम घोषित कर दिया गया। जिसमें सभी 209 परिक्षार्थियों को गणित विषय में शून्य शून्य देकर पूरक घोषित किया गया है। अब बच्चों को पूरक परीक्षा दिलवाया जाएगा। इधर बोर्ड द्वारा परिणाम घोषित होने के बाद रविवार को बच्चों व अभिभावकों की पंचायत बैठी थी जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा एक समिति गठित कर उक्त समिति के समक्ष उनकी निगरानी में फिर से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही परशुरामपुर स्कूल में पदस्थ प्राचार्य से लेकर सभी टिचिंग स्टाफ को यहां से हटा कर दूसरे शिक्षकों की पोस्टिंग की जाए।
ग़ौरतलब है कि परशुरामपुर जिले का एकमात्र ऐसा स्कूल है जिसका परिक्षा परिणाम सामूहिक नकल के कारण रोक दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि यहां के शिक्षकों ने एक माह तक बच्चों व उनके अभिभावकों से यह बात छुपाई। इसके बाद छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।तब लोगों को न सिर्फ पता चला बल्कि खबर प्रकासन के बाद अब बोर्ड ने परिणाम भी घोषित कर दिए हैं। इधर दूसरी ओर बच्चों से परिक्षा के संबंध में जानकारी लेने के बाद अभिभावकों ने परशुरामपुर स्कूल परिसर में अभिभावक व बच्चों की एक बैठक की जहां  यह मांग उठाई गई और निर्णय लिया गया है कि माशिमं द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाए और समिति के निगरानी में अभिभावकों के समक्ष उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन हो। दरअसल पूरे जिले की शैक्षणिक गतिविधियां सिर्फ कागजों में संचालित हो रहे हैं शिक्षक पूरे सत्र भर पढ़ाते नहीं है और नकल करवाकर परिक्षा परिणाम बेहतर कर वाहवाही बटोरी जाती है।यह कोई परशुरामपुर स्कूल की बात नहीं है सभी स्कूलों में जमकर नकल करवाया जाता है। ऐसे में अभिभावकों की मांग सही है कि पुनर्मूल्यांकन हो जाता है तो  शिक्षकों व बच्चों दोनों की गुणवत्ता का पता लग जाएगा। तथा मूल्यांकन के दौरान यदि कोई गड़बड़ी हुई होगी तो इसका पता चलेगा।
पर्यवेक्षकों पर गिरेगी गाज।   परशुरामपुर परिक्षा केंद्र में परिक्षा केंद्राध्यक्ष से लेकर  ड्युटी में तैनात अन्य पर्यवेक्षकों पर  जिला शिक्षा विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। बताया गया कि सभी को सोकाज नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जबाव मिलते ही वेतन वृद्धि रोकने तथा अन्य विभागीय कार्रवाई किए जाएंगे।

Categorized in: