0 बाजार व दुकानो में उड़ाई जा रही सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां
0 प्रशासन मौन तो ध्यान देगा कौन?

सूरजपुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय में जिस ढ़ंग से कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है उससे यहां के लोग भी चिंतित जरूर है पर एहतियात बरतने के मामले में न केवल लोग लापरवाह है बल्कि प्रशासन भी पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है। संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर में कोरोना संक्रमण गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। जिससे वहां संक्रमण की चैन को रोकने के लिए व्यापारियों के साथ साथ प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। अम्बिकापुर से सूरजपुर की दूरी महज 40 किमी है। ऐसे में वहां की स्थिति को लेकर यहां के लोग भी बेहद चिंतित है। परन्तु यह चिंता केवल दिल दिमाग तक है। धरातल में यह चिंता हवा होती दिखाई पड़ रही है। दुकानो में न तो सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जा रहा है और न ही लोग मास्क लगाकर खुद की सुरक्षा कर रहें है। दुकानो से लेकर हाटबाजार तक खुलेआम सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उडती देखी जा सकती है। यहां बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता है जहां लोेग बगैर मास्क के धक्का मुक्की करते खरीददारी करते नजर आ जाएंगे। नगर के तमाम दुकानो में भी यही आलम है, न दुकानदार मास्क लगा रहें है और न ही उपभोक्ता, यही हाल टैक्सी, आटो का है जिसमें पूर्व की भांति भेड़ बकरियों की तरह सवारियां बैठाई जा रही है। जिससे कब संक्रमण का खतरा बढ़ जाए कहा नही जा सकता? इस मामले में प्रशासन की चुप्पी भी लोगांे को चिंतित कर रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अम्बिकापुर की स्थिति को लेकर यहां चिंतित है और स्वास्थ्य महकमा चाहता है कि यहां संक्रमण न बढ़े इसके लिए समय रहते एहतियातन कदम उठाए जाने चाहिए।


सड़को तक सक्रिय प्रशासन
मास्क के लिए प्रशासन सड़क में सक्रिय जरूर दिखाई पड़ता है लेकिन अभी तक दुकानो के लिए न तो कोई अभियान चलाया गया है और न ही कोई रूचि दिखाई पड़ती है। लोग वाहन से निकल रहें है उन्हे पकड़ कर जुर्माने की कार्रवाई जरूर की गई है। जिससे कुछ जागरूकता दिखाई पड़ी है। लेकिन यह अभियान दुकानो तक भी चलाए जाने की जरूरत है। यही नही दुकानो में बैठाकर खिलाना, ठेलो में खड़े होकर खाने, सार्वजनिक जगह पर थूकने आदि पर रोक लगाने की दिशा में भी न दुकानदार फिक्रमंद है और न ही प्रशासन इस दिशा में गंभीर है।


बड़े पैमाने पर है अम्बिकापुर से लोगों का आना जाना
संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर से बड़े पैमाने पर प्रतिदिन व्यवसायिक दृष्टि के साथ साथ आम कार्याें के लिए भी लोगों का आना जाना बना रहता है। ऐसे में यहां भी संक्रमण के खतरे से इंकार नही किया जा सकता। लोग तो उन शासकीय कर्मचारियों पर भी सवाल खड़े कर रहें है जो प्रतिदिन अम्बिकापुर से यहां आकर ड्यूटी कर रहें है। जिला बने आज लगभग 8 वर्ष हो गए लेकिन आज भी बड़े पैमाने पर कर्मचारी अम्बिकापुर से आना जाना कर रहें है। कईयों को तो यहां क्वाटर उपलब्ध नही है और कुछ को है भी तो वे यहां रहना पसंद नही करते। प्रशासन इस दिशा में कभी कभार मुख्यालय में रहने का निर्देश जारी करता है पर समय के साथ उसे नजर अंदाज कर दिया जाता है। हाल फिलहाल में कोर्ट से दो कर्मचारी संक्रमित मिले जो अम्बिकापुर से आना जाना करते रहे। हालांकि यहां इससे किसी को संक्रमण नही हुआ परन्तु बड़े पैमाने पर लोेगों की जांच हुई और तीन दिन के लिए कोर्ट परिसर सील करना पड़ा।


जिले में नही है कोई एक्टिव केस
कोरोना के मामले में जिले में अभी राहत की खबर यह है कि यहां 32 केस सामने आए थे जिसमें से आज की तारीख में कोई भी एक्टिव केस नही है। जिन मरीजो को भर्ती कराया गया था। उन्हे छुट्टी दे दी गई है। केवल एक मरीज जो संदेही है उसका इलाज रायपुर में किया जा रहा है। यह जरूर है कि यहां के कोविड अस्पताल में अम्बिकापुर के 23 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

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