रेलमार्ग सरगुजा के विकास में मील का पत्थर साबित होगी-अंचल

अंबिकापुर/वाड्रफनगर। अंबिकापुर-रेणुकूट जुड़ाव चेतना पदयात्रा का दूसरा दिन बभनी मोड़ से शुरू हुआ, जिसमें बभनी के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान उन्होंने हस्ताक्षर अभियान सहित समर्थन पत्र में हस्ताक्षर किया। साथ ही करकछि में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के जगह पर वृक्षारोपण किया। वहां के स्थानीय लोगों ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद आसनडीह से शुरू हुई पदयात्रा छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश की सीमा पर पहुंची जहां छत्तीसगढ़ के लोगों ने स्वागत करते हुए सैकड़ों की संख्या में यात्रा में हिस्सा लिया। इस यात्रा में महिलाएं भी शामिल हुईं, जो पशुपतिपुर तक पदयात्रा करते हुए गई। पशुपतिपुर में पदयात्रा का क्षेत्रवासियों ने आमसभा आयोजित कर स्वागत किया। बुजुर्गों एवं बच्चों ने भी हस्ताक्षर अभियान एवं समर्थन पत्र भरकर पदयात्रा का समर्थन किया। पशुपतिपुर से पदयात्रा बलंगी रोड होते हुए वाड्रफनगर की सीमा पर पहुंची जहां जिला पंचायत सरगुजा के उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव के साथ पदयात्री वाड्रफनगर से होते हुए बस स्टैंड पहुंचे, यहां आमसभा का आयोजन किया गया। समिति के सदस्य अंचल ओझा ने बताया कि सभी प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों पर वृक्षारोपण, हस्ताक्षर अभियान, ग्राम प्रस्ताव के माध्यम से सभी वर्ग का व्यापाक समर्थन मिल रहा है। यह रेलमार्ग सरगुजा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पदयात्रा में शिवेश सिंह बाबू, जितेंद्र सिंह, पुरंजय मिश्रा, अजय तिवारी, समीर श्रीवास्तव, पीयूष त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, अभिषेक सिंह, मार्कण्डेय तिवारी, सूर्यकांत चौबे, राहुल दुबे, अनोखी सोच सामाजिक संस्था के सदस्य, शशांक त्रिपाठी, सुनील साहू, सत्यम साहू, रमा, भोला सहित हजारों लोग शामिल हुए। वाड्रफनगर में हरिहर यादव, डीपी यादव, सुशील यादव, अश्विनी यादव सहित काफी संख्या में वाड्रफनगर के लोग सम्मिलित हुए।

संघर्ष समिति ने उठाया बड़ा कदम-आदित्येश्वर
जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अंबिकापुर-रेणुकूट रेलमार्ग क्षेत्र के विकास में वरदान साबित होगा। सभी प्रमुख धार्मिक केंद्रों से जुड़ने के साथ ही हमारे क्षेत्र में व्यवसाय व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्वास्थ्य व शिक्षा के बड़े केंद्रों तक भी पहुंच बढ़ेगी। उन्होंने समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि संघर्ष समिति ने बड़ा कदम उठाया है कि सभी दल एवं संस्थाएं एक साथ एक मंच पर आकर एक साथ प्रयास कर रहे हैं। इस प्रयास को हमारा पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से बात करके छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से केंद्र सरकार को तत्संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि हर संभव प्रयास एवं मदद हो सके।

रेलमार्ग की मांग को हर जगह मिल रहा समर्थन-मुकेश
रेलवे संघर्ष समिति के सदस्य मुकेश तिवारी ने पदयात्रा का अनुभव बताते हुए कहा क्षेत्रवासियों में अंबिकापुर-रेणुकूट रेलमार्ग की मांग को लेकर बहुत उत्साह है, हर जगह समर्थन मिल रहा है, यह रेलमार्ग सरगुजा-सोनभद्र क्षेत्र का भाग्योदय साबित होगा। सभी स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाने का लक्ष्य है। रेलमार्ग की तकनीकी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह कम लागत और अधिक लाभ का प्रस्तावित रेलमार्ग है, जिससे रेलवे को फायदा होगा, साथ ही कम समय व कम खर्च व कम दूरी के साथ शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं से बड़े शहरों, प्रमुख धार्मिक केंद्रों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

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