कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई व मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा पुलिस का अभियान ‘ऑपरेशन विश्वासÓ

गिरिजा कुमार ठाकुरअंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ‘ऑपरेशन विश्वासÓ के तहत न सिर्फ यातायात के नियमों की अवहेलना रोकने पर जोर दे रही है बल्कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में होने वाले अपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने की पहल भी कर रही है। पुलिस महानिरीक्षक अंकित कुमार गर्ग, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व, निर्देशन में रोजाना चल रही कार्रवाई, अपराधियों की धरपकड़ सामाजिक अपराधों की रोकथाम के कड़ी से जुड़ा है। पुलिस के द्वारा वाहन चालकों के विरूद्ध की जा रही चालानी कार्रवाई के पीछे छिपी मंशा सिर्फ समंश शुल्क वसूली करके शासन का कोष भरना नहीं है, बल्कि बनाई गई कानून व्यवस्था का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। कानून और मानव एक-दूसरे के पूरक हैं। हर मानव को कहीं न कहीं विधिक प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। सरगुजा पुलिस की सोच चालानी कार्रवाई के घेरे में आए वाहन चालकों से औरों को भी यातायात के नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने की है। छोटी सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मोबाइल से बात करते समय वाहन चलाने से बनने वाली दिमागी भटकाव की स्थिति दुर्घटना का बड़ा सबब बन सकती है। खतरनाक तरीके से वाहन चालन करके स्वयं के साथ ही औरों के जीवन को लोग खतरे में न डालें, कार्रवाई के साथ यह पाठ पुलिस पढ़ा रही है। इसके साथ ही रोजाना आम नागरिकों से यातायात के नियमों का पालन करने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि आप घर से बाहर हैं, लेकिन घर में कोई आपका इंतजार कर रहा है।


अभी भी दौड़ रहे मॉडीफाई साइलेंसर लगे वाहन
सरगुजा पुलिस के द्वारा अब तक सैकड़ों नहीं हजारों वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई सिर्फ शहर में नहीं बल्कि शहर के बाहरी हिस्से में भी चल रही है। आए दिन समाचार पत्रों की सुर्खियों में पुलिस द्वारा की गई चालानी कार्रवाई रहती है लेकिन लापरवाह वाहन चालकों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुलिसिया कार्रवाई पर गौर करें तो जनमानस की अपेक्षा के अनुरूप कानफोड़ू साइलेंसर वाले बुलेट मोटरसाइकिलों की संख्या कम हुई है, खत्म नहीं हुई। अभी भी ऐसे बुलेट चालक शहर के अंदर गाहे-बगाहे फर्राटा भरते निकल जाते हैं। पुलिस जिस तरह अभियान चलाकर मॉडीफाई साइलेंसर लगे बुलेट मोटरसाइकिलों को जब्त करके चालकों से भारी-भरकम समंस शुल्क वसूला, चालानी कार्रवाई की, इससे लोगों को सबक लेना था, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया है, या फिर वे पुलिस के चंगुल में नहीं फंसने के कारण हेकड़ी दिखाने में लगे हैं।

147 मामले में 100350 रुपये की चालानी कार्रवाई
यातायात नियमों की अवहेलना करने के 147 मामले में पुलिस ने वाहन चालकों से एक लाख 350 रुपये समन शुल्क वसूल किया है। सर्वाधिक समंस राशि की वसूली खतरनाक ढंग से वाहन चालन व अन्य मामलों में की गई है। पुलिस ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने के मामले में 28 वाहन चालकों से 8400 रुपये, मौके पर वाहनों का दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के 50 मामले मेें 15 हजार रुपये, दोपहिया में तीन सवारी चलने के 25 मामले में 12 हजार 500 रुपये, खतरनाक ढंग से वाहन चलाने वाले 11 वाहन चालकों से 22 हजार रुपये समन शुल्क वसूल किया गया है। इसी क्रम में पुलिस ने असंवैधानिक पार्किंग के मामले में 02 वाहन चालकों से 1200 रुपये व अन्य यातयात नियमों की अवहेलना करने वाले 21 वाहन चालकों से कुल 33 हजार 450 रुपये समन शुल्क वसूला है। 

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