रायपुर। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आंदोलन का आज से आगाज हो गया। आंदोलन का असर ऐसा कि इंद्रावती भवन से लेकर छत्तीसगढ़ के तमाम सरकारी दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के कामबंद कलम बंद हड़ताल का पहले दिन और शुरुआती अवसर पर ही व्यापक असर दिखाई दे रहा है। स्थानीय निकायों के अलावा यूनिवर्सिटी में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।

गुरुवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने वीडियो जारी कर आज से शुरू होने वाले बेमुद्दत आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि रायपुर में आज से शुरू हुए आंदोलन में प्रदेशभर के कर्मचारियों की एकजुटता दिखाई दे रही है। कमल वर्मा ने बताया कि फेडरेशन के आह्वान पर 22 अगस्त से काम बंद, कलम बंद आंदोलन की शुरूआत हो रही है। हड़ताल का सरकार की तरफ से रिस्पांस ना मिलने की स्थिति में फेडरेशन 30 अक्टूबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा को लेकर भी अपने विकल्प खुले रखा है।

आज से शुरू हुए बेमुद्दत हड़ताल के मद्देनजर इंद्रावती भवन में एक बार फिर तालाबंदी की नौबत बन गई है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान फेडरेशन के बैनर तले बेमुद्दत हड़ताल के दौरान 17 दिनों तक कामकाज प्रभावित हुआ था। एक बार फिर दफ्तरों में कामकाज ठप होने की नौबत बनते दिखाई दे रही है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी नजर आ रही है। पदाधिकारियों की मौजूदगी में कर्मचारी अपनी मांगों के संबंध में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

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