कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा-राज्य सरकार गांधीवादी मूल्यों का कर रही अपमान
अंबिकापुर। शहर के गांधी चौक में प्रीमियम शराब दुकान पर महिलाओं ने विरोध दर्ज कराया है। महिला कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गांधी चौक से शराब दुकान को अन्यत्र हटाने की मांग की है। सात दिनों में दुकान नहीं हटाने पर कांग्रेस की महिला इकाई ने आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ कलेक्टर से इस संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया नगर के मध्यवर्ती एवं अति संवेदनशील क्षेत्र गांधी चौक में प्रीमियम शराब दुकान प्रारंभ की गई है। यह दुकान पूर्व में संचालित सी-मार्ट के स्थान पर खोली गई है। सी-मार्ट के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया था, जिससे क्षेत्र की हजारों महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर थीं। आज उस सकारात्मक प्रयास के स्थान पर शराब बिक्री का केंद्र स्थापित करना न केवल निंदनीय है बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। गांधी चौक के 100 मीटर के भीतर दुर्गा मंदिर, गायत्री मंदिर, नाग मंदिर, शिव मंदिर तथा सर्वेश्वरी आश्रम जैसे कई धार्मिक स्थल हैं, जहां महिलाओं एवं श्रद्धालुओं का निरंतर आना-जाना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त इसी क्षेत्र में गांधी स्टेडियम, कलेक्ट्रेट भवन, न्यायालय परिसर, कला केंद्र मैदान, पॉलिटेक्निक कॉलेज, लाइवलीहुड कॉलेज तथा आईटीआई जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं शासकीय संस्थान हैं। ऐसे स्थानों के समीप शराब दुकान का संचालन न केवल शिक्षा के वातावरण को दूषित करेगा, बल्कि छात्राओं एवं महिलाओं की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। शाम के समय इन संस्थानों के मैदानों और परिसर के आस-पास शराब सेवन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की पूरी आशंका है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी शराब सेवन के कट्टर विरोधी रहे, ऐसे में गांधी चौक में, गांधी प्रतिमा के सामने स्वयं राज्य सरकार द्वारा शराब दुकान का संचालन करना गांधीवादी मूल्यों का अपमान है। जिला महिला कांग्रेस ने सभी जागरूक नागरिकों की ओर से संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शराब दुकान नहीं खोलने और भविष्य में धार्मिक, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक स्थलों के 200 मीटर के दायरे में शराब दुकानों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में पार्षद गीता प्रजापति, मेघा खांडेकर, गीता रजक, पूर्णिमा सिंह, प्रीति सिंह, हमीदा बानो, शकीला सिद्दीकी, उर्मिला कुशवाहा, अनीता सिन्हा, सपना सिन्हा, रूबी जैन, साधना कश्यप, शालिनी नन्द, गीता रजक, उर्मिला विश्वास, ममता सिंह, अंजू, नुजहत फातिमा, अनुराधा सिंह, श्वेता अग्रवाल सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं।
कलेक्टर ने कहा
कलेक्टर विलास भोसकर ने महिलाओं की मांग को राज्य सरकार तक पहुचने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ राज्य सरकार निर्णय का पालन करा रहे हैं, यदि सरकार यहां से दुकान बंद करने का आदेश देती है तो वे सबसे स्वयं दुकान हटाने आगे आएंगे।

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