कहा-मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने न तो जांच की और न ही जिम्मेदारी तय करते की कार्रवाई

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के महज तीन माह के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई हैं। इसे लेकर शनिवार को सरगुजा जिला महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बीते गुरुवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच के बालकनी में प्रसव पीड़ा झेल रही एक ग्रामीण महिला का प्रसव हुआ और महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया था। प्रसूता को शंकरगढ से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। प्रसव पीड़ा की हालत में उसे सोनोग्राफी के लिए सोनोग्राफी कक्ष के बाहर घंटों इंतजार कराया गया, जो प्रसव का कारण बन गया। एमसीएच भवन में लिफ्ट और रिवाल्विंग चेयर की व्यवस्था होने के बावजूद महिला को पैदल सीढ़ियों से सोनोग्राफी के लिए भवन के उपरी तल पर स्वजन ले गए। इस अमानवीय घटना के दो दिन बाद भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने न तो कोई जांच की और न ही जिम्मेदारी तय करते हुए कोई कार्रवाई की है। प्रदर्शन के दौरान जिला महिला कांग्रेस (शहर) की अध्यक्ष सीमा सोनी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन संवेदनहीन हो गया है, तुरंत जवाबदेह स्टाफ पर कारवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गये ज्ञापन में मांग की गई है कि पीड़िता को शासन मुआवजा प्रदान करे। युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष शुभम जायसवाल ने कहा कि एक ओर अंबिकापुर विधायक बेबुनियाद और झूठी बयानबाजी कर रहे हैं, दूसरी ओर पूरे सरगुजा संभाग को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेपटरी हो रहा है।

रिजेंट केमिकल के अभाव में 20 दिन से ठप हमर लैब
पूर्व उपमुख्यमंत्री के द्वारा सरगुजा संभाग की जरूरतों को ध्यान में रखकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हमर लैब की स्थापना कराई थी। इसके माध्यम से मरीजों को मुफ्त जांच परीक्षण की सुविधा प्राप्त होती थी। लगभग 25 दिनों से रिजेंट केमिकल के अभाव में यह लैब ठप है। लोगों को पैसे खर्च कर निजी लैब में जांच कराना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सीजीएमएससी के द्वारा दो माह से बजट आबंटित नहीं किए जाने के कारण लैब में रिजेंट केमिकल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कराई है।

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