0 मोदी की सभा के बाद रिचार्ज हुए भाजपाई  ,  तीसरी बार के लिए जद्दोजहद कर रहे पारस
सूरजपुर। जैसे जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आ रहीं है वैसे वैसे जिले में चुनावी माहौल अपने शवाब पर आने को है। क्षेत्र में ठंड की दस्तक के साथ सुबह चाय की चुस्की और शाम को गोरसी की आग तापते गांव से लेकर शहर तक के लोग धीरे धीरे ही सही पर चुनावी बातों में मशगूल हो रहे है और एक दूसरे का मन टटोलने की जुगत में लगे हुए है। जिले की भटगांव विधानसभा जो सामान्य सीट से  अलग अलग दल व निर्दलीय प्रत्याशियो सहित 17 रणबाकुरे चुनावी समर में किस्मत आजमाने के लिए जोर आजमाईश कर रहे है। मगर क्षेत्र मे जो चर्चा है उसके मुताबिक मुख्य मुकाबला दोनों राष्ट्रीय दल कांग्रेस व भाजपा के बीच है। यहां  कांग्रेस से  पारसनाथ राजवाड़े व भाजपा की लक्ष्मी राजवाड़े के बीच मुख्य मुकाबला है। इस चुनावी मुकाबले में कांग्रेस के पारस तीसरी बार कांग्रेस के लिए पारस साबित होंगे या फिर भाजपा की लक्ष्मी कमल खिलाएंगी। यह तो वक्त ही बताएगा। भाजपा ने दो माह पूर्व जिस सोच के साथ प्रत्याशी के नाम की घोषणा की थी उसका असर यह है कि बिहारपुर जैसे पहाड़ी इलाके से लेकर सिलफिली जैसे मैदानी इलाके तक वे एक नही दूसरे बार दस्तक दे रहीं है।लक्ष्मी के चुनावी अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के बाद और बल मिला है। क्षेत्र के नाराज चल रहे कार्यकर्ता भी मोदी की सभा से रिचार्ज होकर अपने अपने क्षेत्र में उत्साह के साथ मोर्चा संभाल लिया है। जहाँ तक सवाल कांग्रेस का है, तो पारस नाथ राजवाड़े तीसरी बार के लिए जदोजहद कर रहे है।उन्हें जगह जगह सड़क बिजली पानी जैसी समस्याओं के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।हालत यह है कि इन मसलो को लेकर अनेक गांव से मतदान बहिष्कार की खबरों का सामने आना कांग्रेस की डगर को मुश्किल में डालने जैसा तो है पर यह भी है कि पारस की सहजता की छवि उन्हें दुसरो से अलग कर देती है।पुल पुलिया व सड़क की ठेकेदारी की चाह रखने वाले कार्यकर्ता इस बार उनसे बेहद खफा है।इसमें कोई दो मत नही है कि ऐसे कार्यकर्ता माहौल बनाने में माहिर होते है। उनकी नारजगी का कितना असर होगा यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा।मगर बीते 10 वर्षो के प्रतिनिधित्व के बाद भी बुनियादी समस्याओं का सवाल माथे पर बल लाने के लिए काफी है।
0 सभी को मिलता रहा है मौका……
2008 से अस्तित्व में आये इस विधानसभा क्षेत्र की तासीर ऐसी है कि अब तक चार चुनाव हुए जिसमे दो बार भाजपा तो दो बार कांग्रेस को मौका मिला है।नए रूप में अस्तित्व में आने के बाद इस विधानसभा क्षेत्र से पहले विधायक भाजपा के दबंग नेता रविशंकर त्रिपाठी बने,असमय हुए उनके निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रजनी त्रिपाठी विधायक बनी और उसके बाद 13 से लगातार पारसनाथ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे है। 2008 के पूर्व भटगांव का बहुतेरा हिस्सा सूरजपुर विधानसभा का हिस्सा हुआ करता था।तब इस क्षेत्र से भाजपा के शिवप्रताप सिंह जैसे धुरन्धर नेता का वर्चस्व हुआ करता था।वे लम्बे समय तक इस क्षेत्र से विधायक रहे और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष तक के पद पर आसीन हुए थे।इसके आलावे इस क्षेत्र से पंडित धीरेंद्र नाथ शर्मा, धर्मपाल जायसवाल,भानुप्रताप सिंह, खेलसाय सिंह, विजय प्रताप सिंह आदि भी प्रतिनिधित्व कर चुके है। यानि कांग्रेस भाजपा दोनो को इस क्षेत्र से बराबर मौका मिलता रहा है।

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