न्यायालय ने ट्रैक्टर मालिक की संपत्ति कुर्क कर मुआवजा राशि देने का दिया था आदेश
सात वर्ष बाद भी नहीं मिल पाई मुआवजा राशि, सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा पत्र

अंबिकापुर। सरगुजा जिला के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी की दो विधवा महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टर के जनदर्शन में अपने बच्चों के साथ पहुंचकर इच्छा मृत्यु की मांग की। कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित आवेदन में उल्लेख किया गया है कि दोनों महिलाओं के पति की मौत मजदूरी करने के दौरान वर्ष 2014 में ट्रैक्टर पलटने से हो गई थी। न्यायालय ने वर्ष 2016 में ट्रैक्टर मालिक की संपत्ति कुर्क कर करीब 12 लाख रुपये मुआवजा राशि दोनों पीड़ित परिवारों को जारी करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के सात वर्ष गुजर जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। दोनों महिलाओं ने बच्चों के साथ कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित किया, जिसमें इच्छा मृत्य की मांग की गई है।
जानकारी के मुताबिक लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी, कुन्नी निवासी पनमेश्वरी राजवाड़े 35 वर्ष के पति स्व. हवन साय राजवाड़े और ललिता राजवाड़े 40 वर्ष के पति श्रीचंद राजवाड़े मजदूरी करते थे। घटना दिवस तीन अप्रैल 2014 को गांव के ही नवरतन राजवाड़े के ट्रैक्टर में सवार होकर वे बिजली खंभा ढोने गए थे। लौटते समय ट्रेक्टर पलट जाने से बिजली खंभे से दब जाने से हवन साय और श्रीचंद की मौत हो गई थी। चालक के पास लाइसेंस नहीं होने के कारण दोनों विधवा को बीमा राशि का लाभ नहीं मिल पाया। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय द्वारा वर्ष 2016 को दिए गए फैसले में कहा गया था कि दोनों महिलाओं में एक को पांच लाख 32 हजार रुपये तथा दूसरे को छह लाख 47 हजार रुपये का भुगतान ट्रैक्टर मालिक की संपत्ति कुर्क कर बिक्री करते हुए करने की व्यवस्था बनाई जाए। न्यायालय द्वारा जारी किए गए आदेश के सात साल बाद भी दोनों महिलाओं को यह राशि नहीं पाई है। विधवा महिलाओं ने जनदर्शन में दिए गए आवेदन में उल्लेख किया है कि उनके पतियों की मौत के बाद उन्हें बच्चों के पालन-पोषण में परेशानी हो रही है। घर में कोई व्यस्क सदस्य नहीं हैं कि वे कुछ कर सकें। इससे व्यथित होकर महिलाओं ने इच्छा मृत्यु की मांग की है।

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