ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने गुरुवार को मंत्री आलमगीर आलम के गिरफ्तार पीएस संजीव लाल, पत्नी रीता लाल और नौकर जहांगीर आलम को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रीता लाल से जहां उनके नाम पर चल रही कंपनियों और मनी लाउंड्रिंग से जुड़े कई सवाल किए तो दूसरी ओर नौकर जहांगीर से अपने फ्लैट में इतनी बड़ी मात्रा में रकम इकट्ठा करने के स्रोतों के बारे में पूछताछ की।

जहांगीर आलम ने प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि मंत्री के पीएस संजीव लाल के कहने पर ही वह गाड़ीखाना स्थित सर सैयद रेसीडेंसी स्थित फ्लैट में पैसे रखता था। हालांकि, जहांगीर ने पैसों के स्रोत को लेकर अधिक जानकारी नहीं दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को संजीव कुमार लाल की ओर से बीते कुछ महीने पूर्व नए फ्लैट की खरीदारी में भुगतान और बेहिसाब खर्च के बारे में गहनता से पूछताछ की।

उल्लेखनीय है कि संजीव कुमार लाल और नौकर जहांगीर आलम जहां प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर हैं, वहीं मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए रीता लाल को समन करके गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय ने अपने जोनल ऑफिस बुलाया। संजीव कुमार लाल की पत्नी रीता लाल सुबह करीब 11 बजे रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय के जोनल ऑफिस पहुंचीं। यहां पर तीनों को आमने-सामने बैठाकर कई घंटे तक ईडी टीम ने पूछताछ की।

उल्लेखनीय है कि टेंडर से मिली कमीशन की राशि की मनी लाउंड्रिंग करने के आरोप में जेल में बंद ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय सोमवार से कार्रवाई कर रहा है।

पत्नी के नाम कंपनियां बनाकर ठेके लेता था पीएस संजीव लाल

ठेकों में कमीशनखोरी और मनी लाउंड्रिंग के खिलाफ चार दिनों से चल रही कार्रवाई में नया खुलासा हुआ है। ईडी ने जांच में पाया है कि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल ने अपनी पत्नी रीता लाल के नाम पर कई कंपनियां बनायी थीं। इन कंपनियों के नाम पर ठेके-पट्टे लिए जाते थे। कुछ कंपनियां कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम भी करती हैं। रीता लाल की कंपनियों के जरिए भी मनी लाउंड्रिंग के साक्ष्य मिले हैं।

जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि रीता लाल के साथ इन कंपनियों में ठेकेदार मुन्ना सिंह भी निदेशक हैं। मुन्ना सिंह के यहां से भी ईडी ने छापेमारी के दौरान 6 मई को 2.93 करोड़ रुपये बरामद किए थे। ईडी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में ठेकेदार मुन्ना सिंह और राजीव सिंह से पूछताछ की जाएगी। राजीव सिंह के यहां से भी ईडी ने 7 मई को 2.14 करोड़ बरामद किए थे।

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