ब्यूरो कार्यालय बलरामपुर

बलरामपुर टीचर्स एसोसिएशन संघ बलरामपुर ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर VSK ऐप के अनिवार्य उपयोग का किया विरोध बलरामपुर जिला अध्यक्ष पवन सिंह के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा
जिला अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि शिक्षकों का मोबाइल फोन उनकी निजी संपत्ति है, जिसका उपयोग ऑनलाइन उपस्थिति के लिए करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह निजता का गंभीर उल्लंघन भी है। उन्होंने बताया कि विभागीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शिक्षकों की निजी जानकारियां जैसे कर्मचारी कोड, यू-डाइस कोड, मोबाइल नंबर, ई-मेल आदि लीक होने के कारण जिले में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 34 शिक्षकों के साइबर ठगी से प्रभावित होने की पुष्टि हुई है, जिनका विवरण ज्ञापन के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, जिले में ऐसे कई और प्रकरण हो सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में उपस्थिति के लिए इस प्रकार के ऐप को अनिवार्य करना शिक्षकों की निजी जानकारी को सार्वजनिक करने जैसा है, जिससे साइबर ठगों को आसानी से अवसर मिल सकता है।
श्री सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि शासन द्वारा इस ऐप के संबंध में किसी प्रकार की साइबर सुरक्षा गारंटी, संरक्षण तकनीक या नुकसान की स्थिति में मुआवजे की कोई स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शासन ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करना चाहता है, तो शिक्षकों को इसके लिए शासकीय डिवाइस उपलब्ध कराए जाएं, क्योंकि कोई भी शिक्षक अपनी निजी संपत्ति को शासकीय उपयोग के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता

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