महासमुंद। पुलिस ने जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत महासमुंद पुलिस ने महज 10 घंटों के भीतर चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए लगभग 686 किलो गांजा और 700 नशीली टैबलेट जब्त की है। जब्त मादक पदार्थों और परिवहन में प्रयुक्त वाहनों की कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपये आंकी गई है।

13 तस्करों को किया गिरफ्तार
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ‘पैकर्स एंड मूवर्स’ के ट्रक, ड्राई फ्रूट्स के कंसाइनमेंट, लग्जरी कारों और यहां तक कि मोटरसाइकिल और ट्रेन का भी सहारा लिया, लेकिन पुलिस के सूचना तंत्र और मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। पुलिस ने पांच अलग-अलग प्रकरणों में कुल 13 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के हैं और 7 अन्य राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा के निवासी हैं।

अब तक 165 तस्करों को भेजा जेल
महासमुंद पुलिस की इस कार्यवाही में बिलासपुर पुलिस और रायपुर क्राइम ब्रांच का भी अहम तकनीकी सहयोग रहा। आंकड़ों की बात करें तो पिछले तीन महीनों में महासमुंद पुलिस ने अब तक 63 प्रकरणों में 40 क्विंटल (4054 किलो) से अधिक गांजा जब्त कर 165 तस्करों को जेल भेजा है।

नशे के खिलाफ महासमुंद पुलिस का यह अभियान ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर आधारित है। हम न केवल परिवहन करने वालों को पकड़ रहे हैं, बल्कि सोर्स (विक्रेता) और डेस्टिनेशन (खरीददार) तक पहुँचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर रहे हैं।
-प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, महासमुंद

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