बिश्रामपुर। शुक्रवार की शाम 7 बजे करमपुर गांव की गलियों में अचानक एक चीख गूंजी फिर सन्नाटा छा गया।जिस जगह कुछ देर पहले दो नन्हीं बच्चियां खिलौनों से खेल रही थीं, वहीं देखते ही देखते बिलखती मां की चीखें सुनाई देने लगी। 3 साल की लक्ष्मी और ढाई साल की माही दो फूल जो अभी ठीक से खिले भी नहीं थे कि तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की भेंट चढ़ गए। बिश्रामपुर पुलिस ने बताया कि ग्राम पंचायत करमपुर निवासी अक्षयकुमार चेरवा की 3 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी व सुखराम चेरवा की ढाई वर्षीय पुत्री माही शुक्रवार की शाम करीब सात बजे दादी के संरक्षण में दरवाजे के पास खेल रही थीं। तभी गांव के ही आर्टिका कार क्रमांक सीजी 04 एमपी 3406 के चालक आरोपी रामजीत चेरवा पिता रामदेव ने तेज व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए दोनों मासूम बच्चियों को रौंद दिया, जिससे दोनों मासूमों की मौत हो गई। दोनों मासूम बच्चियां दादी के संरक्षण में घर के दरवाजे पर खेल रही थीं। हर दिन की तरह लेकिन शुक्रवार की शाम एक मातम बनकर आई। ग्रामीणों का दावा है कि कार चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद पूरे गांव में हर चेहरे पर खामोशी और हर आंख नम हो गई थी। जिस घर से मासूमों की हंसी गूंजती थी, अब वहां मातम की घुटन है। मामले में पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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