बालोद। जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट को जान से मारने की धमकी मिली है। एक बंद लिफाफे में डाक के जरिए धमकी भरा लेटर जज को भेजा गया है। इस लेटर में उनके परिवार को भी मारने की बात लिखी गई है। इसके साथ ही 3 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। लेटर सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

मामला जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। लेटर में दावा किया गया है प्रशांत देवांगन रिश्वत लेते हैं और गलत फैसले देते हैं। जज पर आरोप लगाया गया है कि वह गरीबों को परेशान करते हैं। अगर 3 करोड़ रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। लेटर भेजने वाले ने अपने आप का नक्सली संगठन का मेंबर बताया है।

दरअसल, मामले का खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब पुलिस के द्वारा पोर्टल पर एफआईआर की कॉपी अपलोड की गई। पूरा मामला मार्च का है। पुलिस की शिकायत के अनुसार, 27 मार्च को कोर्ट परिसर में काम के दौरान एक पोस्टमैन मजिस्ट्रेट कार्यालय में लिफाफा लेकर पहुंचा। जब मजिस्ट्रेट ने लिफाफा खोलकर पत्र पढ़ा तो वह हैरान रह गए।

घटना के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जज ने शिकायत में पुलिस को बताया कि उन्हें जो लेटर मिला है। उसमें लिखने वाले ने खुद को नक्सली संगठन का मेंबर बताया है। मजिस्ट्रेट से 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है।

मामले की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। नवीन बोरकर, थाना प्रभारी, गुंडरदेही

लेटर के आखिरी में लिखा है तुम्हारा मौत नक्सली संगठन, कांकेर-बस्तर (छत्तीसगढ़) लेटर में यह भी लिखा है कि तुम्हें कोई नहीं बचा सकता। लिफाफे पर‘एलकेएल बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़’और न्यायालय बालोद का पता लिखा हुआ है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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