ग्वालियर. हाईकोर्ट की इन्दौर खंडपीठ ने 3 वर्ष से हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने वाले एनवीडीए के उच्च अधिकारियों पर मौखिक रूप से टिप्पणी की है। जिनक अधिकारियों को अपने निचले गरीब वर्ग के कर्मचारियों का ददर्ज समझ नहीं आता, ऐसों का वेतन रोका जाना चाहिये। आगामी 18 मई को एनवीडीए के वाइस चेयरमैन एनएन मिश्रा, उपसचिव वर्षा सोलंकी को तलब किया है। एक अन्य मामले में एनवीडीए के संचालक स्वतंत्रकुमार मिश्रा को भी अवमानना के मामले में पेश होने के आदेश दे रखे।
दरअसल, चतुर्थ श्रेणी दैनिक वेतन भोगी ओमप्रकाश व बाबाूसिंह को 5वें और 6वें वेतनमान का लाभ दिया जाना है। दोनों ने याचिका दायर की थी। न्यायालय ने 3 वर्ष पूर्व ही भुगतान किये जाने के आदेश दिये थे। लेकिन विभाग ने पालन नहीं किया। इस पर अवमानना दायर की गयी है। कुल 69 कर्मचारियों को वेतनमान का लाभ दिया जाना है। न्यायालय ने कहा है कि यह बुहत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। गरीब कर्मचारी 30-30 वर्ष से नौकरी कर रहे हैं उनका दर्द बड़े अधिकारियों को महसूस ही नहीं हो रहा है। कायदे से इनका वेतन रोका जाना चाहिये। न्यायालय ने वॉइस चेयरमैन और उपसचिव को हाजिर रहने के आदेश दिये हैं।

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