रोमी सिद्दीकी

अम्बिकापुर/  शांत व गंभीर स्वभाव  के साथ एक बेहतर रणनीतिकार के धनी अनुराग सिंह देव को हर कोई जानता व पहचानता है युवा वर्ग में अपनी जबरदस्त पैठ रहने वाले अनुराग सिंह देव का भाजपा संगठन में भी अच्छी पकड़ है. सामंत परिवार से तालुकात रखने वाले  भाजपा के वरिष्ठ युवा नेता भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव जो सरगुजा संभाग में एक लोकप्रिय युवा नेता के रूप में ख्याति प्राप्त है ये  ऐसे नेता है जो हर विषम परिस्थिति में अपने कार्यप्रणाली में डरते नहीं…..

मुलत: अविभाजित सरगुजा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र शंकरगढ़ के रहने वाले अनुराग सिंह देव की स्कूली शिक्षा मध्यप्रदेश के शहडोल के कामेर्ल स्कूल में हुई है  इसके बाद वे कालेज की शिक्षा के लिए अंबिकापुर आ गये काफी समय अपने फूफा पॉलिटेक्निक कॉलेज अंबिकापुर के पूर्व प्रिंसिपल विनय सिंह के यहां रहे यही से उन्होंने अपनी राजनीति कालेज के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से शुरू किया.  इनके मित्रों की माने तो अनुराग  विद्यार्थी   परिषद में आरम्भ काल से संघर्ष करते हुए आगे बढ़े  यही नहीं 1989-90 से विद्यार्थी परिषद के विस्तार में अनुराग सिंह देव ने जो भूमिका निभाई व  छात्रों का एक बड़ा समूह एकत्र किया वह अपने आप में एक रिकॉर्ड है..

*पारिवारिक पृष्ठभूमि.

अनुराग सिंह देव का जन्म 17 जून 1973 को अम्बिकापुर में हुआ इनके  पिता स्व अरुण सिंह देव एक दौर में अविभाजित सरगुजा के शंकरगढ़ के जमीदार थे स्थानीय लोगों की माने तो वे बड़े व्यवहार कुशल एवं आम ग्रामीणों से सहयोगात्मक उनका रवैया था यही कारण है कि सामरी विधानसभा में अनुराग सिंह देव के परिवार का सीधा दखल है वर्तमान में अनुराग सिंह देव के छोटे भाई अमिताभ सिंह देव जनपद पंचायत शंकरगढ़ के उपाध्यक्ष है लोगों का यह भी मानना है अमिताभ में यहाँ के आम ग्रामीण उनके पिता का अक्स यानि परछाई देखते हैं यही कारण है सामरी विधानसभा में अमिताभ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं इनकी माताश्री  रायगढ़ चंद्रपुर राजघराने से आती है    चंद्रपुर  विधानसभा में लम्बे समय तक अनुराग सिंह देव के मामा व अन्य नानी परिवार के ही विधायक रहे हैं कुछ वर्षों पूर्व यह सीट पूर्व सांसद स्व दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र को दे दिया गया है बहरहाल यह भी कहा जा सकता है अनुराग सिंह देव को राजनीति विरासत में मिली है…..

नैतृत्व करने की कमाल की क्षमता..

अनुराग सिंह के मित्र व वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह का कहना है कि वर्ष 2000 में अनुराग युवा मोर्चा में प्रवेश किये और देखते ही देखते  युवा मोर्चा में अनुराग सिंह के साथ युवाओं की जो टीम बनी वो काबिले तारीफ थी छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आ चुका था प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी सरकार का विरोध हर मोर्चा में युवा मोर्चा के युवक कर थे इस दौरान अनुराग व उनकी टीम को पुलिस के डंडे भी खाने पडे लेकिन अनुराग की कुशल नेतृत्व के कारण ही युवा मोर्चा पुरे संभाग में बेहतर कार्य करते हुए कांग्रेस  को उखाड़ फेंकने में कामयाब रहे. यही कारण है अनुराग सिंह देव को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा दिया.यही नहीं अनुराग छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक मात्र ऐसे नेता थे जो भाजयुमो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे.

सत्ता व संगठन में जबरदस्त पकड़…

छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार के दौरान अनुराग सिंह देव का पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह व संगठन मंत्री सौदान सिंह के साथ बेहतर संबंध था जिसके कारण अनुराग सिंह का भाजपा सरकार में  व संगठन में मजबूत पकड़ थी आम आदमी की कोई भी समस्या हो उसे जल्द से जल्द दूर करने की उनकी प्राथमिकता रहती थी यही कारण  है कि आम आदमी के बीच आज भी काफी लोकप्रिय है कुछ लोगों का यह भी कहना है अनुराग सिंह का सत्ता में पकड़ का फायदा कुछ उनके दोस्तों ने भरपूर उठाया और सत्ता जाते ही अनुराग सिंह से पल्ला झाड़ लिया……….

चुनाव में असफल भीतरघात के कारण..

सरगुजा के राजनीति को करीब से जानने वालों की माने तो सत्ता व संगठन में अनुराग सिंह देव के लगातार बढ़ते कद से उनके ही पार्टी के अंदर उनके छुपे हुए शत्रुओं संगठित हो गये और उनके चुनाव में हर बार उन्हें  नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोडे परिणामस्वरूप उन्हें हार का सामना करना पड़ा. लेकिन अनुराग सिंह देव एक मात्र ऐसे नेता है जो हार के बाद भी भाजपा व संगठन की मजबूती के लिए हर स्तर पर काम करते रहते हैं जिसके कारण ही संगठन के शीर्ष में बैठे नेता हर बार अनुराग को बडी जिम्मेदारी दे रहे हैं सूत्रों का तो यह भी कहना है आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में  सिंह देव को फिर से एक बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना चुकी है…..

मोदीजी का स्वागत और लालकिला……

वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव से पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को  चुनाव प्रचार के लिए अंबिकापुर आना था तो कार्यक्रम की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संगठन ने  अनुराग सिंह देव को दे दिया  था तब ये भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष थे.इन्होंने ने नरेंद्र मोदी के स्वागत में  दिल्ली के लाल किले का मॉडल     स्टेज बनवा दिया था   जानकारों की मानें तो  नरेंद्र मोदी   को  प्रतीकात्मक लाल किला    इतना पसंद आया था कि मंच में ही इसके बारे में  रमन सिंह से पूछा था तो उन्हें भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के बारे बताया गया इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुराग सिंह से हाथ मिलाते हुए धन्यवाद कहा था…..

*15 वर्ष की सत्ता में नहीं लिया पद…

छत्तीसगढ़ में भाजपा की 2003 से लेकर 2018 तक सत्ता रहा इन पन्द्रह वर्षों में एक नहीं कई बार ऐसा अवसर आया जब सरकार में बैठे लोग यह चाहते थे कि अनुराग सिंह देव को किसी भी आयोग का चेयरमैन बनाया जाए लेकिन श्री सिंह देव ने यह कह कर मना कर दिया कि वे संगठन में रह कर पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे.भाजपा के लोगों की माने तो उन्होंने पीजी कालेज की जनभागीदारी कमेटी का सदस्य भी बनने से इंकार कर दिया था……

Categorized in: