बदहाल छत्तीसगढ़ को सुधारने के बदले इधर-उधर की बात कर रहे भूपेश बघेल

अंबिकापुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद (राज्यसभा) रामविचार नेताम ने कहा है कि कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ के हालात दिनों-दिन दयनीय होते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार राज्य के हालात को तो सुधार नहीं पा रही है, दूसरे राज्यों के मामलों में दखल देकर सियासी ड्रामा खेलने में मशगूल है। उन्होंने कहा कि ऐसा एक भी सकारात्मक काम प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे शासनकाल में नहीं किया, जिसे प्रदेश में विकास, बेहतर शिक्षा, शांति-व्यवस्था, सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य के मोर्चे पर गिना सके।

पूर्व सांसद श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने पूरे शासनकाल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों को अपने राजनीतिक दुराग्रह का शिकार बनाने का काम किया। किसानों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं के साथ जिस तरह छल-प्रपंच करके वादाखिलाफी की गई, उसकी शायद ही कोई और मिसाल कहीं देखने को मिले। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के नाम पर तो युवाओं को ठगा ही गया, अपने हक की लड़ाई में न्याय नहीं मिल पाने की इन युवाओं की पीड़ा और समस्या पर भी प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे अफसरों-कर्मियों पर कांग्रेस सरकार ने पूरे शासनकाल में कोई कार्रवाई नहीं की, अंतत: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समाज के युवकों को अपनी मांग के लिए विधानसभा मार्ग पर पूर्ण नग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा। प्रदेश सरकार बजाय इस घटना पर शर्म महसूस करने के आंदोलित युवाओं को अपराधी घोषित करने में लगी है। क्या सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति को अपराधी माना जाएगा? नग्न प्रदर्शन की घटना से पूरा प्रदेश शर्मसार हुआ है, इसके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा भ्रष्टाचार, घोटालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ देने में अव्वल कांग्रेस की प्रदेश सरकार के तौर-तरीकों को देखकर विश्व समुदाय में छत्तीसगढ़ की नकारात्मक छवि बनी है। भारत में ऐसी नकारा प्रदेश सरकार किसी और राज्य में देखने को नहीं मिलेगी। आगामी विधानसभा चुनाव ऐसी निकम्मी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने और प्रदेश को कांग्रेस मुक्त बनाने का चुनाव होगा।

पांच वर्षों में 39,267 बच्चों की मौत
पूर्व सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश भर में पिछले पांच वर्षों में कुल 39,267 बच्चों की मौत हो गई। उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने विधानसभा में अपने लिखित उत्तर में इसे स्वीकार किया है। प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और बच्चों की मौत पर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही, लेकिन सरकार ने बच्चों की मौत के मामले को छिपाने का काम ही किया। यह मौतें प्रदेश सरकार की लापरवाही का प्रमाण है। श्री नेताम ने कहा कि हर मोर्चे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नाकामियों की लंबी सूची है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर संवेदनहीनता की हदें पार करके फर्जी आंकड़ों के जरिए झूठी वाहवाही बटोरने में लगी है। अपनी कार्यप्रणाली के चलते प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी चिंता और असहनीय बोझ बन कर रह गई है।

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